रेलवे सुरक्षा बल एवं राष्ट्रीय महिला आयोग ने मानव तस्करी के विरुद्ध संकल्प को और मजबूत किया

रायपुर/बिलासपुर। “मानव तस्करी के विरुद्ध विश्व दिवस” के अवसर पर रेलवे सुरक्षा बल और राष्ट्रीय महिला आयोग के बीच एक नवीन समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए । इस पहल को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए मंत्री ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन महिला एवं बच्चों की तस्करी को प्रभावी रूप से रोकने और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अन्य अपराधों से निपटने में रेलवे सुरक्षा बल कर्मियों की क्षमता को सुदृढ़ करने का उद्देश्य रखता है।
यह एमओयू राष्ट्रीय महिला आयोग की उप सचिव श्रीमती शिवानी डे एवं रेलवे सुरक्षा बल के डीआईजी/प्रोजेक्ट्स श्री एस. सुधाकर द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा तैयार की गई मानव तस्करी विरोधी एक विशेष पुस्तिका का भी विमोचन किया गया ।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा श्रीमती विजया रहाटकर ने इस गंभीर मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानव तस्करी आज भी सबसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों में से एक बनी हुई है, जिसमें महिलाएं और बालिकाएं सबसे अधिक प्रभावित होती हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक पहचान और हस्तक्षेप में रेलवे सुरक्षा बलकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है । उन्होंने देशभर में तस्करी का शिकार बने, खोए हुए या भागे हुए बच्चों को बचाने में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा किए गए व्यापक प्रयासों की सराहना की, जिससे पिछले चार सालों में 65,000 से अधिक बच्चों को बचाया गया है।
रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक श्री मनोज यादव ने इस मुद्दे पर बल की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे की व्यापक पहुंच होने के कारण, यह न केवल एक अवसर है बल्कि एक जिम्मेदारी भी है कि वह तस्करी के विरुद्ध एक अग्रिम अवरोधक के रूप में कार्य करे। राष्ट्रीय महिला आयोग के साथ यह साझेदारी बल की संचालनात्मक प्रतिक्रिया और सामुदायिक संपर्क क्षमताओं को और अधिक मजबूत बनाएगी।

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