महतारी वंदन योजना पर विधानसभा में तीखी चर्चा, ई-केवाईसी और हितग्राहियों के आंकड़ों पर सरकार ने दिया जवाब –

महतारी वंदन योजना पर विधानसभा में तीखी चर्चा, ई-केवाईसी और हितग्राहियों के आंकड़ों पर सरकार ने दिया जवाब –

रायपुर, – छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में शुक्रवार को महतारी वंदन योजना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा हुई। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने योजना में ई-केवाईसी, भुगतान और हितग्राहियों की संख्या से जुड़े सवाल उठाए, जिनका जवाब महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सदन में विस्तार से दिया।

मंत्री ने बताया कि प्रदेश में महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 98 प्रतिशत हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और वर्तमान में 68.70 लाख से अधिक महिलाएं योजना के दायरे में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल ई-केवाईसी लंबित होने के आधार पर किसी पात्र महिला को योजना से बाहर नहीं किया जाएगा।

ई-केवाईसी की समय-सीमा बढ़ेगी –
सदन में मंत्री ने कहा कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया जुलाई 2026 तक जारी रहेगी। जिन महिलाओं की प्रक्रिया निर्धारित समय के बाद पूरी होगी, उन्हें लंबित अवधि की सहायता राशि एकमुश्त प्रदान की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर योजना का पोर्टल दोबारा खोला जाएगा ताकि पात्र महिलाएं पंजीयन करा सकें।

क्यों हटे 1.64 लाख नाम?
विपक्ष की ओर से हितग्राहियों को योजना से हटाए जाने का मुद्दा उठाया गया। इस पर मंत्री ने कहा कि कुल 1,64,464 नाम भुगतान सूची से हटाए गए, जिनमें 1,23,700 मृत हितग्राही और 40,764 अपात्र हितग्राही शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों को यह कहकर प्रस्तुत करना कि बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को योजना से बाहर कर दिया गया, सही नहीं होगा।

भुगतान में अंतर की वजह क्या रही?
मंत्री के अनुसार जून 2026 में 68,89,933 महिलाएं भुगतान के लिए पात्र थीं, जबकि 68,54,003 हितग्राहियों के खातों में राशि भेजी गई। दोनों आंकड़ों के बीच 35,930 का अंतर तकनीकी कारणों से रहा। इनमें 29,700 मामलों में ई-केवाईसी लंबित थी। 2,972 मामलों में राज्य से बाहर के बैंक खातों का सत्यापन चल रहा था। 2,939 हितग्राही सत्यापन के दौरान उपलब्ध नहीं मिले। 319 मामलों में अधिक भुगतान के समायोजन की प्रक्रिया जारी थी।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का भी उल्लेख –
मंत्री ने बताया कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी विशेष शिविरों के माध्यम से योजना का विस्तार किया गया है। ‘नियद नेल्लानार’ अभियान के तहत मार्च 2026 तक 7,775 नई पात्र महिलाओं का पंजीयन किया गया।

सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच नोकझोंक –
चर्चा के दौरान विपक्ष ने योजना के क्रियान्वयन, हितग्राहियों की संख्या और भुगतान को लेकर सरकार से जवाब मांगा, जबकि सत्ता पक्ष ने सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए योजना के संचालन का बचाव किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच कई बार तीखी बहस भी हुई।

चर्चा के अंत में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र महिला तक योजना का लाभ समय पर पहुंचाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि तकनीकी कारणों से किसी भी पात्र हितग्राही का अधिकार प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा तथा आवश्यकता के अनुसार पंजीयन की व्यवस्था भी की जाएगी।

इस तरह महतारी वंदन योजना को लेकर सदन में उठे सवालों पर सरकार ने विस्तृत आंकड़ों और तथ्यों के साथ अपना पक्ष रखा, जबकि विपक्ष ने योजना के क्रियान्वयन और आंकड़ों में अंतर को लेकर सवाल बनाए रखे।

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