नक्सली कमांडर हिड़मा के इलाके गोल्लाकुंडा में सुरक्षाबलों ने खोला कैंप

सुकमा। सुकमा और बीजापुर जिले की सरहद पर नक्सली कमांडर हिड़मा के इलाके गोल्लाकुंडा में सुरक्षाबलों ने आज शनिवार को कैंप खोल दिया है। नक्सल उन्मूलन के रणनीति के लिहाज से यह नवीन कैंप उस इलाके का सबसे महत्त्वपूर्ण कैंप माना जा रहा है। इस इलाके में नक्सलियों की सबसे मजबूत बटालियन नंबर-1 और पामेड़ एरिया कमेटी सक्रिय है। अब इस इलाके पर सैकड़ों जवानों का डेरा रहेगा। बस्तर में इस वर्ष 2024 में बस्तर संभाग के अलग-अलग जिले में 25 नए कैंप खोले गए हैं। इनमें दंतेवाड़ा के नेरली घाटी, कांकेर के पानीडोबरी, बीजापुर के गुंडम, पुतकेल, छुटवही, नारायणपुर के कस्तूरमेटा, इरकभट्टी, मसपुर, मोहंदी, सुकमा के मुलेर, परिया, सलातोंग, टेकलगुडेम, पूवर्ती, लखापाल, पुलनपाड़ और अब गोल्लाकुंडा में कैंप खुला है। टेकलगुडम, पूवर्ती समेत उसके आस-पास के इलाके में कुछ महीने पहले तक नक्सलियों का कब्जा था। नक्सलियों का सबसे सुरक्षित ठिकाना था, लेकिन अब यहां फोर्स का कब्जा हो गया है। विदित हो कि कुछ दिन पहले झिड़पल्ली में भी कैंप की स्थापना की गई थी, जहां आउटर कार्डन में तैनात जवानों पर में 2 से 3 दिन तक नक्सली लगातार रुक-रुककर गोलीबारी कर रहे थे।










