रिखी का समूह इस गणतंत्र दिवस दिल्ली में बिखेरेगा छत्तीसगढ़ी संस्कृति

00 24 से 27 जनवरी तक देश-विदेश के अतिविशिष्ट मेहमानों और आम जनता के समक्ष होगी प्रस्तुतियां
भिलाई। प्रख्यात लोकवाद्य संग्राहक रिखी क्षत्रिय और उनका समूह इस साल राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस पर देश की राजधानी नई दिल्ली में लोकनृत्यों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी संस्कृति को प्रदर्शित करेंगे। गणतंत्र दिवस पर प्रत्येक राज्य से सिर्फ एक-एक कला दल को अवसर मिलता है। जिसमें संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन की ओर से इस बार रिखी क्षत्रिय के समूह लोकरागिनी मरोदा सेक्टर भिलाई को भेजा है। रिखी क्षत्रिय ने बताया कि 24 जनवरी से 27 जनवरी तक राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह और भारत पर्व का आयोजन लाल किले में होगा। जिसमें देश-विदेश के अतिविशिष्ट मेहमानों के साथ-साथ आम जनता के लिए भी सांस्कृतिक कार्यक्रम अलग-अलग दिन होंगे।
यहां रिखी और उनका समूह विविध छत्तीसगढ़ी लोकनृत्यों की प्रस्तुति देगा। इनमें आदिवासी नृत्य–गौर शिकार नृत्य, बैगा करमा नृत्य,ठिसकी नृत्य,माड़ी करमा नृत्य एवं मांदरी नृत्य बस्तर, कवर्धा जिला, सरगुजा जिला दंतेवाडा जिला, कांकेर जिला आदि जिले के आदिवासियों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी जाऐगी साथ में छत्तीसगढ के बारामासी गीत नृत्य एवं झांकी की प्रस्तुति दी जाएगी।
रिखी क्षत्रिय ने बताया कि 25 कलाकारों का समूह 23 जनवरी को नई दिल्ली के लिए रवाना होगा। फिलहाल सभी कलाकार छत्तीसगढ़ी लोकनृत्यों की तैयारी कर रहे हैं। इस समूह में रिखी क्षत्रिय के साथ कुलदीप, पारस, संजीव, प्रदीप, नवीन, प्रमोद, भीमेश,जया लक्ष्मी, लीना, तुलेश्वरी, नेहा देवांगन, प्रियका, हेमा, ओमेश्वरी, गीतांजलि, राम कुमार पाटिल, डोरेलाल, उग्रसेन, राजेश, अजित, सुनील, शिवम, वेन और चंचल शामिल हैं।

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