रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना 140 किमी का 3,513.11 करोड़ रुपये का डीपीआर बन गया है – कश्यप

जगदलपुर। बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने लोकसभा के शीतकालीन सत्र के प्रथम दिन रेल मंत्री से सीपेस की जानकारी मांगी। सत्र के दूसरे दिन 27 नवंबर को बस्तर सांसद ने एक बार फिर छत्तीसगढ़-बस्तर के रेल विषयों पर रेल मंत्री से प्रश्न कर जानकारी मांगी है। सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय रेल मंत्री से निम्नलिखित तीन विषयों पर जानकारी प्रदान करने को लेकर प्रश्न किया, जिसमें 2014 से आज तक देश में विशेष रूप से छत्तीसगढ़ बस्तर संभाग में वर्षवार कितनी रेल पटरियां बिछाई गईं और रेलगाडिय़ां शुरू की गईं। 2014 से आज तक देश भर में विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के लिए कितनी नई रेल परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। कुल परियोजनाओं में से स्वीकृत परियोजनाओ की संख्या कितनी है और उनका ब्यौरा क्या है और इस संबंध में कितना बजट आवंटित किया गया है। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने बताया कि केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तर प्रेषित किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन परियोजना का दूसरे चरण के लिए 140 किमी डीपीआर तैयार कर ली गई है, जिसकी लागत 3,513.11 करोड़ रुपये है।
इन विषयों पर केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तर प्रेषित किया है। जिसमें उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों के दौरान देशभर में लगभग 2.32 लाख करोड़ रुपये की लागत की 19,748 किमी लंबाई वाली 309 परियोजनाएं नई लाइन, आमान परिवर्तन और दोहरीकरण, स्वीकृत की गई हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ में पूर्णत: अंशत: पडऩे वाली 10,182 करोड़ रुपये की लागत की 1,225 किमी कूल लंबाई वाली परियोजनाएं (नई लाइन, आमान परिवर्तन और दोहरीकरण शामिल हैं। बस्तर जिले से गुजरने वाली दल्लीराजहरा, रावघाट जगदलपुर रेल लाइन परियोजना 235 किमी को दो चरणों दल्लीराजहरा रावघाट 95 किमी और रावघाट-जगदलपुर 140 किमी में शुरू किया गया है। चरण-। अर्थात् दल्लीराझरा रावघाट में 77 कि.मी. दल्लीराझरा-ताड़ोकी को कमीशन कर दिया गया है। इस परियोजना पर 31 अप्रैल 2024 तक 1,028 करोड़ रुपये का व्यय किया गया है। चरण-॥ अर्थात रावघाट-जगदलपुर 140 किमी की विस्तृत परियोजना रपट (डीपीआर) तैयार कर ली गई है, जिसकी लागत 3,513.11 करोड़ रुपये है।
इसके अलावा छत्तीसगढ़ के बस्तर मंडल में पूर्णत:अंशत: रूप से पडऩे वाली निम्नलिखित नई रेल लाइन परियोजनाओं के लिए सर्वेक्षण स्वीकृत किए गए हैं।धमतरी बांसकोट, कोडागांव 183 किमी, गढ़चिरौली-बीजापुर-बचेली 490 किमी और कोठागुड़ेम-किरंदुल 180 किमी, चूंकि रेल नेटवर्क राज्य और जिले की सीमाओं के आर-पार फैला होता है, इसलिए गाडिय़ों को ऐसी सीमाओं के आर-पार नेटवर्क की आवश्यकता के अनुसार चलाया जाता है। वर्ष 2014- 2015 से 2023-24 की अवधि के दौरान देश में 1931 गाड़ी सेवाएं आरंभ की गई हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में स्थित स्टेशनों को सेवित करने वाली निम्नलिखित सेवाएं शामिल हैं।

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