केंद्रीय बजट में जगदलपुर-रावघाट रेल लाइन के लिए किया गया है नया अनुबंध व प्रावधान

जगदलपुर। भाजपा कार्यालय में वन मंत्री केदार कश्यप और बस्तर सांसद महेश कश्यप ने संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित किया जिसमें केंद्रीय बजट में प्रदेश और देश के लिए किए गए प्रावधानों के विषय जानकारी दी। बस्तर सांसद महेश कश्यप एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि केंद्रीय वित्तमंत्री द्वारा बजट प्रस्तुत करने के बाद बस्तर के जगदलपुर-रावघाट रेल लाइन को लेकर कुछ भ्रांतियां फैलाई जा रही है, जो कि गलत है। उन्होने कहा कि जगदलपुर-रावघाट रेल लाइन के लिए नया अनुबंध और प्रावधान किया गया है, वहीं 500 करोड का बजट भी इसके लिए रखा गया है। प्रदेश के लिए लगभग तीन हजार करोड़ प्रदान किया गया है। जगदलपुर-रावघाट रेल लाइन का कार्य रेल मंत्रालय शीघ्र ही पूरा करेगा, बस्तर में रेल लाइन के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है। पोलावरम परियोजना को लेकर 28 अगस्त को दिल्ली में बात होगी, जिसमें आंध्रप्रदेश, ओडीशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें पानी के बटवारे को लेकर चर्चा की जाएगी।
वन मंत्री केदार कश्यप ने केंद्रीय बजट में पारित किए गए प्रावधानों की आंकड़ों के साथ जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में देश के सभी सेक्टरों पर फोकस किया है। उन्होंने कहा बजट में युवाओं के लिए विशेष प्रावधान किया गया है, जिसमे युवाओं को कुशल बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं बजट का प्रावधान किया है।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बजट में नारी सशक्तिकरण के लिए 3 लाख करोड़ का प्रावधान किया है। वहीं 5 करोड़ अनुसूचित जनजाति परिवारों की उन्नति के लिए विशेष केंद्रीय योजनाएं चलाई जा रही है। केदार कश्यप ने कहा कि बजट में कौशल विकास के क्षेत्र में भी बजट का प्रावधान किया है । वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि इस बजट में आदिवासी क्षेत्र के लिए 13 हजार करोड़ रुपए का आवंटन हुआ है जो अब तक आदिवासी वर्गों के उत्थान के लिए सबसे बड़ा बजट है। यह किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण बजट है। महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत छात्रावास सुविधा और पढ़ाई की जिम्मेदारी भी सरकार ने ली है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह बजट 2047 के विकसित भारत का संकल्प है।
वन मंत्री केदार कश्यप ने ओडिसा जोरा नाला विवाद पर कहा कि इस विवाद पर ओडिसा सरकार से सकारात्मक बातचीत जारी है, और शीघ्र ही इस समस्या का समाधान निकाला जायेगा। उन्होंने कहा इंद्रावती नदी पर बैराज बनाने के विषय में भी सरकार विशेषज्ञों से सलाह ले रही है। किरंदुल बाढ़ आपदा पर भी मंत्री केदार कश्यप ने प्रतिक्रिया देते हुए, कहा कि बाढ़ से वहां खासा नुकसान हुआ है, राज्य के सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन और एनएमडीसी प्रबंधन द्वारा बाढ़ पीडि़तों को राहत और बचाव का कार्य चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 100 से ज्यादा बाढ़ पीडि़तों को 20-20 हजार रूपये की अंतरिम सहायता प्रदान भी कर दी गई है।










