नक्सलियों ने कथित शहीदी सप्ताह के दूसरे दिन लगाया पहला बैनर

कांकेर। नक्सलियों ने जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर मलांजकुडुम के घाटी से लगे सड़क किनारे 28 से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाने का पहला बैनर लगाया है, वहीं इसके साथ ही नक्सली पर्चे भी फेंके हैं। नक्सलियों ने बैनर में 28 से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाने की अपील की है। नक्सलियों ने बैनर में नक्सली संगठन को लगातार हो रहे नुकसान को लेकर चिंता भी जताई है।नक्सलियों के द्वारा कथित शहीदी सप्ताह के दूसरे दिन आज सोमवार को लगाये गये पहले बैनर में लिखा है कि माओवादी छापामार युध्द नियमो का सृजनात्मक रूप से पालन करेंगे, ताकि अनावश्यक रूप से नक्सली संगठन को हो रहे नुकसान को कम किया जा सके, साथ ही गुरिल्ला युध्द में विजय का अनुपात बढ़ाने का भी उल्लेख बैनर में किया गया है।
उल्लेखनिय है कि नक्सलियों को बस्तर में वर्ष 2024 में काफी नुकसान उठाना पड़ा है, जिसके परिणामस्वरूप नक्सली बस्तर में बैकफुट पर हैं। बीते 6 महीने के नक्सल अभियान में 140 से ज्यादा नक्सली अलग-अलग मुठभेड़ में मारे गए हैं, जबकि 250 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इसके अलावा 200 से अधिक नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। नक्सलियों के इस शाहीदी सप्ताह के दौरान नक्सली किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं, लेकिन बस्तर में तैनात जवान नक्सलियों के इस नापाक मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं।विदित हो कि पुलिस एवं सुरक्क्षाबलों के हौसले बुलंद हैं, इसका इसी से अंदाजा लगाय ज सकता है कि 28 जुलाई को नक्सलियों की कथित शहीदी सप्ताह के पहले दिन बारसूर थाना क्षेत्र अंर्तगत इंद्रावती नदी पार स्थित मंगनार-कोशलनार गांव में नक्सलियों ने महाराष्ट्र में मारे गए अपने नक्सली लीडर सतीश का नया स्मारक बनाकर आयोजन करने की तैयारी कर रहे थे, जिसकी सूचना मिलने पर डीआरजी के जवानों ने उस नये बने नक्सली स्मारक को ध्वस्त कर नक्सलियों को मौके से खदेड़ दिया ।

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