सरोधा दादर से चिल्फी घाटी तक का प्राकृतिक सौंदर्य करीब से देखा यूथ हॉस्टल सदस्यों ने

00 वाईएचएआई भिलाई इकाई एवं राजनांदगांव इकाई का दो दिवसीय ट्रैकिंग सह ट्रेनिंग चिल्फी घाटी , बोड़ला क्षेत्र में सम्पन्न
भिलाई। यूथ हॉस्टल्स एसोसिएशन ऑफ इण्डिया भिलाई इकाई एवं राजनांदगांव इकाई द्वारा संयुक्त रूप से चिल्फी घाटी बोड़ला क्षेत्र में दो दिवसीय ट्रैकिंग का आयोजन किया गया। जिसमें कुल 50 सदस्यों ने हिस्सा लिया। दो दिवसीय इस ट्रैकिंग सह ट्रेनिंग आयोजन में सदस्यों ने पहले दिन क्षीर पानी जलाशय,पचराही पुरातात्विक स्थल, जैन मन्दिर बकेला और चिल्फी घाटी के विहंगम सौन्दर्य का आनन्द उठाया। दूसरे दिन चरणतीर्थ पर्वत गाड़ाघाट एवं भोरमदेव मंदिर के प्राकृतिक सौन्दर्य का अवलोकन किये।
यूथ हॉस्टल्स छत्तीसगढ़ राज्य शाखा के सचिव एवं भिलाई इकाई के चेयरमेन के. सुब्रमण्यम और भिलाई इकाई के अध्यक्ष ऋषि कांत तिवारी ने संयुक्त रूप से बताया कि कुल 450 किमी का रोमांचक सफर तय कर दो दिनों तक पर्यटन स्थलों की सैर जारी रही। भिलाई इकाई उपाध्यक्ष द्वय सुधीर अवधिया एवं महेन्द्र देवांगन ने बताया कि विशाल जलराशि और घने पेड़ पौधों के बीच प्रकृतिस्थ होकर भोजन करना सभी के लिए सुखद अनुभव रहा। संस्था के सचिव सुबोध देवांगन एवं कोषाध्यक्ष हेमलाल देवांगन के अनुसार सदस्य पचराही संग्रहालय का अवलोकन कर छत्तीसगढ़ की समृद्ध धरोहर से परिचित हुए। भिलाई इकाई के वरिष्ठ सदस्य डॉ. जयप्रकाश साव एवं हरदेव सिंह गिल ने बताया कि कैम्प फायर में सदस्यों ने यूथ हॉस्टल्स के साथ जुड़ाव के अपने अनुभव साझा किये। वरिष्ठ सदस्य पंकज मेहता एवं राजनांदगांव समन्वयक मिनेश मिश्रा ने बताया कि मंडला जिले की सीमा से होते हुए चरणतीर्थ पर्वत पहुंचना सुखद अनुभूति रही। वरिष्ठ सदस्य डॉ. कमल साहू एवं संजय साहू के अनुसार भोरमदेव मंदिर में दर्शन कर सदस्य एक मधुर स्मृति संजोये अपने अपने घर के लिए रवाना हुए।

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