संडी के सिद्धि माता मंदिर में प्रतिदिन बकरे की बलि प्रथा रोकने दंडीस्वामी ज्योतिर्मयानंद बैठे धरने पर

00 प्रशासनिक अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद धरना हुआ समाप्त
बेमेतरा। ग्राम संडी के सिद्धि माता मंदिर में प्रतिदिन बकरे की बलि दिये जाने विरोध करते हुए जीव-जंतु प्रेमी सगंठन, साधु संत व हिंदू संगठन के कार्यकर्ता शुक्रवार को जगतगुरु शंकराचार्य के शिष्य दंडीस्वामी ज्योतिर्मयानंद के नेतृत्व में मंदिर के मुख्य मार्ग पर कुछ दूर तक पैदल मार्च करने के बाद धरने पर बैठ गए। शनिवार की सुबह एसडीओपी व तहसीलदार के साथ हुई बैठक में ठोस आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त हुआ। कबीर पंथ के लोगों ने भी धरना स्थल पहुंचकर अपना समर्थन दिया।
बताया गया कि मन्नत के लिए मंदिर में फागुन के बाद से लगातार बकरे की बलि दी जा रही है। बलि देने के बाद अवशेष को शिवनाथ नदी में डाल दिया जाता है जिसकी वजह से शिवनाथ नदी का पानी लगातार दूषित हो रहा है। पीने के पानी की समस्या के साथ अन्य समस्याएं हो रही है। लंबे अर्से से बलि प्रथा पर रोक लगाने की लगातार मांग के बाद भी जारी बलि प्रथा को रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार से पहल नहीं किए जाने से नाराज होकर जगतगुरु शंकराचार्य के शिष्य दंडीस्वामी ज्योतिर्मयानंद के नेतृत्व में जीव-जंतु प्रेमी सगंठन, साधु संत व हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पैदल मार्च कर मंदिर के मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठ गए।
पशुओं के बलि दिये जाने व शराबखोरी के विरोध में सामने आए दंडीस्वामी ज्योतिर्मयानंद से प्रशासनिक अधिकारी एवं पुलिस के सक्षम अधिकारी ने धरना समाप्त करने का अनुरोध किया। अंत में प्रदर्शन करने वालों को सक्षम अधिकारी की उपस्थिति में लिखित में आश्वासन दिया गया कि शनिवार को जिला मुख्यालय के पुराने रेस्ट हाउस में दोनों पक्ष की बैठक प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में कराने की बात कही गई। दोनों पक्ष के सहमति के बाद धरना वापस लिया गया है। इस दौरान विभिन्न संगठन के पदाधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

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