मर्सिडीज के जमाने में साइकिल सवारों का क्या काम!

मर्सिडीज के जमाने में साइकिल सवारों का क्या काम!
रायपुर : – छत्तीसगढ़ में बहुप्रतीक्षित निगम-मंडल के अध्यक्ष-उपाध्यक्षों की सूची बुधवार की रात जारी हुई।
सूची जारी होते ही आक्रोश की लहर उठ खड़ी हुई है। पार्टी के लिए सड़क पर पांच साल कांग्रेस सरकार के खिलाफ झंडा उठाने वालों को किनारा लगा दिया गया।सूची देखकर लगता है कि माथा देखकर तिलक लगाया गया है। बिपक्ष में रहने के दौरान पांच साल तक पसीना बहाने वाले पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने व्यथित होकर कहा कि मर्सिडीज के जमाने में साइकिल पर सवार होकर संघर्ष करने वालों को कौन पूछता है।
निगम-मंडलों में महत्वपूर्ण पद पाने वाले अनेक नेता का जनाधार कितना है वह इससे पता चलता है की वे पार्षद का चुनाव भी नहीं जीत पाए थे। वंशवाद के खिलाफ झंडा बुलंद करने वाली पार्टी इस सूची से फेल दिख रही है।
सूत्रों के अनुसार एक आयोग की अध्यक्ष पार्टी की प्राथमिक सदस्य भी नहीं है। शिवरतन शर्मा , संतोष उपाध्याय , देवजी भाई पटेल , गौरी शंकर श्रीवास , सुभाष तिवारी , अंजय शुक्ल , हर्षिता पांडेय , प्रभा दुबे , शताब्दि पांडे , अशोक बजाज , विजय शंकर मिश्रा जैसे पार्टी के दिग्गज और मजबूत जनाधार वाले नेता की उपेक्षा हुई है। वहीं जुम्मा-जुम्मा पार्टी से जुड़े लोग पद पाने में सफल रहे।
राजनीतिक सूत्रो के मुताबिक निगम-मंडलों में नियुक्ति के मामले प्रदेश प्रभारी की एक तरफा चली है, प्रदेश के संगठन सचिव का भी बिल्कुल भी नहीं चला है। कुछ नाम को देखकर ऐसा लगता है की चढ़ोत्तरी चढ़ाने वाले बाजी मारने में सफल रहे।










