देखिए VIDEO : बस्तर इलाके में ओवररेटिंग, मिलावटी शराब और BIS कंपनी पर बड़े सवाल, नई शराब नीति के बीच 200 की बीयर 240 में बेचने के आरोप, पुराने विवाद फिर चर्चा में –

देखिए VIDEO : बस्तर इलाके में ओवररेटिंग, मिलावटी शराब और BIS कंपनी पर बड़े सवाल, नई शराब नीति के बीच 200 की बीयर 240 में बेचने के आरोप, पुराने विवाद फिर चर्चा में –

रायपुर/जगदलपुर : – प्रदेश में नई शराब नीति लागू होने के बाद सरकार ने पारदर्शिता, नियंत्रण और उपभोक्ताओं को राहत देने के बड़े बड़े दावे किए थे। लेकिन बस्तर संभाग से सामने आ रहे वीडियो और शिकायतें इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। आरोप है कि बस्तर क्षेत्र में काम संभाल रही BIS कंपनी के संचालन वाले शराब दुकानों में खुलेआम ओवररेटिंग और कथित मिलावट का खेल चल रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, दुकानों में निर्धारित मूल्य से ज्यादा कीमत वसूली जा रही है। वायरल वीडियो में 200 रुपये की बीयर को 240 रुपये तक में बेचे जाने की बात सामने आ रही है। सवाल यह है कि जब नई शराब नीति लागू है और सरकार खुद व्यवस्था सुधार की बात कर रही है, तब यह ओवररेटिंग किसके संरक्षण में चल रही है?

बतादे कि यह वही BIS कंपनी है जिसपर इससे पहले रायपुर में भी मेनपावर (प्लेसमेंट एजेंसी) और शराब दुकानों से जुड़े कामकाज संभाल चुकी है। उस दौरान मिलावटी शराब मामले में करीब 300 पेटी शराब पकड़े जाने और लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के जुर्माने की चर्चा काफी सुर्खियों में रही थी। अब वही कंपनी बस्तर इलाके में फिर सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है।

स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि दूरस्थ इलाकों में निगरानी कमजोर होने का फायदा उठाकर मनमानी वसूली की जा रही है। कुछ जगहों पर बिना बिल बिक्री और कथित मिलावट की शिकायतें भी सामने आई हैं। लेकिन सामने आए वीडियो और शिकायतों ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

सबसे बड़ा सवाल अब यही उठ रहा है कि क्या नई शराब नीति सिर्फ कागजों तक सीमित है? क्या पुराने विवादों में घिरी कंपनियों को फिर जिम्मेदारी देना किसी बड़े संरक्षण की ओर इशारा करता है? बस्तर जैसे संवेदनशील इलाके में यदि ओवररेटिंग और कथित मिलावट का यह खेल सच साबित होता है, तो यह केवल उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ नहीं बल्कि पूरी शराब नीति और प्रशासनिक निगरानी पर बड़ा सवाल होगा। अब निगाहें सरकार और आबकारी विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं।

देखना होगा कि इसपर कार्रवाही होती है या यह ओवररेटिंग मिलावट का खेल ऐसे ही चलता रहता है।

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