202 ग्राम पंचायतों में बन रहे महतारी सदन, 50 करोड़ का बजट प्रावधान, 179 सदन बनाने 44 करोड़ से अधिक किए गए स्वीकृत

00 प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों को और अधिक अधिकार सम्पन्न बनाकर पंचायत सचिवों के आर्थिक हितों की सुरक्षा भी सुनिश्चित किया है – रंजना
रायपुर। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में न केवल ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर पूरा फोकस किया है, अपितु ग्रामीण क्षेत्रों की छोटी-छोटी समस्याओं को दूर कर ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएँ मुहैया कराने की दिशा में भी क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं।भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व विधायक रंजना साहू ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने ग्राम पंचायतों को और अधिक अधिकारसम्पन्न बनाकर उन्हें विकास और रोजगारपरक कार्यों के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराने के साथ ही पंचायत सचिवों के आर्थिक हितों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करने का काम किया है।
श्रीमती साहू ने कहा कि प्रदेश में एक ओर जहाँ 70 लाख महिलाओं के खाते में हर माह महतारी वंदन योजना कती 1 हजार रुपए की राशि जमा करके आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम हो रहा है, वहीं सार्वजनिक क्षेत्रों में काम के दौरान महिलाओं को होने वाली दिक्कतों को दूर करने पंचायतों में ‘महतारी सदन’ का निर्माण कराया जा रहा है। श्रीमती साहू ने बताया कि 202 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा आपसी समरसता स्थापित करने सामाजिक कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी तथा महिला सशक्तीकरण के उद्देश्य से महतारी सदन निर्माण किए जाने हेतु 50 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। इस कार्य के लिए वर्तमान में 179 महतारी सदन के निर्माण हेतु 44.21 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि इसी प्रकार ग्राम पंचायत सचिवों की नवीन वेतनमान के अंतर की एरियर्स राशि वर्ष 2018 से लगभग 05 वर्ष तक भुगतान हेतु शेष थी। प्रदेश की बाजपा सरकार ने पंचायत सचिवों की एरियर्स की बकाया राशि 47,98,40,631 रुपए (सैंतालीस करोड़ अन्ठानबे लाख चालीस हजार छ: सौ इकतीस रु,) का आबंटन जिलों को उपलब्ध कराया गया है। अंशदायी पेंशन योजना की चर्चा कर श्रीमती साहू ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों की अंशदायी पेंशन योजना अप्रैल 2012 से प्रारंभ है, जिसमें अप्रैल 2012 से जून 2020 तक लगभग 08 वर्ष के नियोक्ता अंशदान की राशि 38,56,82,059 रु. (अड़तीस करोड़ छप्पन लाख बियासी हजार उनसठ रू.) का आबंटन किया गया है। इस प्रकार सचिवों के पेंशन हेतु शासन के अंश को जमा कर इनके बेहतर भविष्य का प्रबंध किया गया।

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