जागरुकता की कमी और देर रात तक जगने के कारण बढ़ रहे थायरॉइड के मरीज

00 रविवार को सुबह 7 बजे चौबे कॉलोनी में नि:शुल्क थायरॉइड जाँच शिविर का आयोजन, गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में होगा शामिल
रायपुर। सामान्यत: थायरॉइड होने पर घबराहट, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, हाथों का काँपना, अधिक पसीना आना, दिल की धड़कन बढऩा, बालों का पतला होना एवं झडऩा, मांसपेशियों में कमजोरी एवं दर्द रहना जैसी परेशानियां होती हैं लेकिन लोगों में इसकी जागरुकता की कमी होना और देर रात तक जागने के कारण थायरॉइड के मरीज बढ़ रहे है। पूरे भारत मं 4.2 करोड़ लोग इससे पीडि़त हैं जिसमें महिलाओं का प्रतिशत 80 है और 20 प्रतिशत पुरुष शामिल है। महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान इसकी संभावना बढ़ जाती है। लोगों को इसकी जानकारी हो इसके लिए 30 मार्च को गीतानगर चौबे में स्थित एक निजी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर में सुबह 7 बजे से शाम को 7 बजे तक नि:शुल्क जांच, परामर्श एवं जानकारी दी जानकारी। इस जांच शिविर को गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया जाएगा। थायरॉइड की समस्या को सरल बनाने हेतु थायरॉइड कारण और निदान हेतु देश की प्रथम हिंदी पुस्तक का विमोचन भी किया जाएगा।
आयोजक डा. तरुण मिश्रा, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की प्रदेश हेड सोनल राजेश शर्मा व राजेश शर्मा ने संयुक्त पत्रकारवार्ता में बताया कि अभी तक इस शिविर में शामिल होने के लिए 7 हजार लोगों ने पंजीयन करा चुके है और है। उनका लक्ष्य है कि इस शिविर में 1000 थायरॉइड मरीजों की नि:शुल्क जांच, परामर्श एवं जानकारी लेने लोग यहां पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि थायरॉइड मुख्यत दो प्रकार की होती है जिसमें हाइपोथायरायडिज्म : थायरॉइड ग्रंथि द्वारा पर्याप्त थायरोक्सिन हार्मोन का उत्पादन न होना और दूसरा हाइपरथायरायडिज्म : थायरॉइड ग्रंथि द्वारा बहुत अधिक थायरोक्सिन हार्मोन का उत्पादन होना।

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