भंगाराम देवी की अदालत में सभी देवी-देवताओं की होती है पेशी, भंगाराम देवी मेले को राष्ट्रीय दर्जा मिले – फूलोदेवी

कोंड़ागांव। राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम ने राज्यसभा में भंगाराम देवी मेले को राष्ट्रीय दर्जा देने का मामला उठाया। फूलोदेवी नेताम ने कहा कि बड़े गर्व की बात है कि हम आदिवासियों ने अपनी सभ्यता और संस्कृति को संजोकर रखा और विरासत में अपनी आने वाली पीढिय़ों को दे रहे हैं। फूलोदेवी नेताम ने यह भी कहा कि बस्तर के कोंडागांव जिले के केशकाल में भंगाराम देवी का मेला लगता है और यह बडा अनोखा होता है। यह मेला आदिवासी विशेषकर गोंड जनजाति के लोगों की आस्था का केंद्र भी है। जिस तरह न्यायाधीश मामले को सुनते हैं और न्याय देते हैं उसी तरह मेले में भंगाराम देवी की अदालत में सभी देवी-देवताओं की पेशी होती है और उनसे पूरे साल के कार्यों का ब्यौरा लेती हैं। यदि उन लेखा-जोखा में किसी देवी-देवता की गलती निकलती है तो माता उसे निष्कासित भी कर देती है या उनके कार्यों को कुछ समय के लिए रोक देती है। फूलोदेवी नेताम ने कहा कि मेले में लाखों लोग आते हैं लेकिन स्थानीय क्षेत्र का विकास नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पडता है। अत: भंगाराम देवी के मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा दिया जाए और क्षेत्र के विकास के लिए अलग से कार्ययोजना बनाई जाए।










