बारिश में ग्रामीणों ने गर्भवती महिला को 3 किमी पैदल जंगल का सफर तय कर एंबुलेंस तक पहुंचाया

सुकमा। जिले में लगातार हो रहे बारिश से अंदरूनी इलाका जलमग्न हो गया है, इस दौरान एर्राबोर इलाके के ग्राम लैंड्रा में परिजनों ने एक गर्भवती महिला को खाट पर लिटाकर उसे कांधे से ढोकर एंबुलेंस तक पहुंचाया है। परिजन करीब 3 किमी पैदल चलकर जंगल का सफर तय किए, फिर गांव के बाहर खड़ी एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल लेकर गए। बताया जा रहा है कि गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है। बारिश की वजह से चारों तरफ पानी भरा हुआ है, जिससे गांव वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्राप्त जनकारी के अनुसार एर्राबोर इलाके के ग्राम लैंड्रा की रहने वाली एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हुई। परिजनों ने इसकी खबर स्वास्थ्य विभाग और एंबुलेंस के लिए कर्मचारियों को दी। हालांकि एंबुलेंस के कर्मचारी महिला को लेने पहुंच तो गए, लेकिन उन्हें गांव से करीब 3 किलोमीटर दूर ही रुकना पड़ा। गांव तक पहुंचने वाले कच्चे मार्ग में बारिश का पानी भरा हुआ था।ऐसे में परिजन महिला को एक खाट पर लेटा दिए, फिर उस खाट को कावड़ की तरह अपने कंधों पर ढोकर जंगल के रास्ते एंबुलेंस तक पहुंचे। बारिश के बीच महिला की जंगल के रास्ते, बरसाती नाले पार कर एंबुलेंस तक पहुंचाया गया, जिसके बाद महिला को अस्पताल भिजवाया गया। बता दें कि बस्तर में पिछले लगभग 15 दिनों से लगातार बारिश हो रही है। सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर इन 3 जिलों के अधिकांश गांव टापू में तब्दील हो गए हैं। गांवों तक पहुंचने वाले कच्चे-पक्के रास्तों में बारिश का पानी भरा हुआ है, जिससे गांवों का संपर्क भी कट गया है।

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