सांतरा परिवार ने अपने पिता की अंतिम इच्छानुसार पार्थिव शरीर को मेकॉज के एनाटॉमी विभाग को सौंपा

जगदलपुर। बस्तर जिला मुख्यालय के धरमपुरा नंबर 3 में रहने वाले बुजुर्ग सुपर्ण सांतरा ने अपनी अंतिम इच्छा बताते हुए अपने बेटे व बेटियों से कहा था, कि अगर मेरी आत्मा को शांति देना चाहते हो तो मेरे शव को मेकॉज के छात्रों को सौंप देना, जिससे मेरे पार्थिव देह से सीखने को बहुत कुछ मिलेगा। इस बात को सांतरा परिवार के सुगंधा, सृष्टि व पलाश ने अपने पिता सुपर्ण के पार्थिव शरीर को एनाटॉमी विभाग को सौंपने से पहले बताया।
मृतक बुजुर्ग सुपर्ण सांतरा के परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार धरमपुरा नंबर 3 में रहने वाले सुपर्ण सांतरा अपने घर मे एक आटा चक्की चलाने का काम करते थे, इसी चक्की से अपने दोनों बेटी व बेटे की पढ़ाई करवाई, बेटी सुगंधा, सृष्टि व पलाश ने बताया कि पिता जब भी बातें करते तो हमेशा इसी बात को लेकर मलाल था, कि वे अपने देहदान का फार्म नही भर पाए थे। लेकिन उनकी इच्छा थी कि मेरी मौत के बाद मेरे शव को मेडिकल कॉलेज डिमरापाल के छात्रों को सौंप देना, जिससे कि उनके शव से छात्र पढ़ाई कर सकेंगे। वास्तव में देखा जाए तो मेरी आत्मा को तभी शांति मिलेगी, जब मेरे शव का अंतिम संस्कार नही करते हुए मेकॉज के एनाटॉमी विभाग को सौंपा जाए, पिता के इस बातों को बच्चों ने अपने दिमाग में बैठाकर रखा था। एक अप्रेल 2025 को सुपर्ण का उपचार के दौरान विशाखापत्तनम में निधन हो गया, निधन के बाद परिजन उसके शव को लेकर जगदलपुर पहुंचकर, मेकॉज के डॉक्टरों से चर्चा करने के बाद पूरे सम्मान के साथ पिता के शव को मेकॉज को सौंपा गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *