महाशिवरात्रि पर शिवालयों में दर्शन-जलाभिषेक के लिए सुबह से शिव भक्तों की लगी लंबी कतार

जगदलपुर। महाशिवरात्रि के अवसर पर शहर से लेकर गांवो तक शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। कहीं ओम नम: शिवाय का जाप चलता रहा तो, कहीं रुद्राभिषेक और पंच द्रव्य से महादेव का अभिषेक किया गया। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवड़ा, रामपाल, चित्रकोट, गुप्तेश्वर, चपका आदि देवालयों में दर्शन करने पहुंचे थे। नगर के शिवालयों में भी सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। नगर के सीताराम शिवालय में शिव भक्तों ने दिनभर पूजा अर्चना की।
महाशिवरात्रि पर महादेव घाट स्थित शिवालय में जलाभिषेक करने लंबी कतार लगी रही। लालबाग शिव मंदिर में अखंड रामायण और महा-भण्डारा का आयोजन किया गया। अंबेडकर वार्ड, अवंतिका कालोनी चौक, बस स्टैंड, पुलिस लाइन, फारेस्ट कालोनी, धरमपुरा के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। दलपत सागर के मध्य स्थित भूपातालेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालु सुबह 8 बजे से तालाब किनारे पहुंचने लगे थे, मोटरबोट से लोगों को दलपत सागर के मध्य स्थित मंदिर तक पहुंचने का काम शुरू हुआ। नवनिर्वाचित महापौर संजय पांडे मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की। शाम तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। भगवान शिव के दर्शन करने के लिए शिवालयों में सुबह से भक्तों की लंबी कतार देखने को मिली हैं।
महाशिवरात्रि प्रति वर्ष फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। महाशिवरात्रि सनतनियों का एक महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है, शिव पुराण के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह होने का उल्लेख है। भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए महाशिवरात्रि को बहुत खास माना गया है। मान्यता है कि इस दिन पूजा-पाठ करने से दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है। साथ ही, अविवाहितों को मनपसंद जीवन साथी मिलता है। महाशिवरात्रि के पर्व पर श्रद्धालु व्रत भी रखते हैं, इस दिन शिवालय जाकर शिवलिंग पर गंगाजल और गाय का दूध अर्पित करने से कल्याण होता है। कई स्थानों पर इस दिन भगवान शिव पर ध्यान और शिव मंदिरों में पूरी रात जागरण भी किया जाता है। बस्तर जिले में भी महाशिवरात्रि पर्व पूरी श्रद्धा के साथ धूमधाम से मनाया जा रहा है।

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