भ्रष्टाचार का अड्डा बना महिला एवं बाल विकास विभाग जांजगीर-चांपा

भ्रष्टाचार का अड्डा बना महिला एवं बाल विकास विभाग जांजगीर-चांपा
जांजगीर- चांपा- महिला बाल विकास विभाग इन दिनों भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है . जहां जिला कार्यक्रम अधिकारी नियम कानून को धता बताते हुए अपनी कुर्सी बचाने की जद्दोजहद में लगी हुई है और इस कवायद में लगी है कि वह पाक साफ है . बताते चले कि जांजगीर चांपा में अनिता अग्रवाल जिला कार्यक्रम अधिकारी है . ऐसे संवेदनशील विभाग जो सीधा महिलाओं और बच्चो से जुड़ा है वहाँ चल रहे भ्रष्टाचार से विभाग की पोल खोलती नजर आ रही है .
मामले में अनिता अग्रवाल के विरुद्ध आरटीआई में कई सबूत सामने आए है लगभग दो माह पहले नियुक्ति के मामले में परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना बलौदा को सजा के तौर पर जिला कार्यालय में बैठा दिया गया वहीं पामगढ़ परियोजना अधिकारी श्रीमती एनिमा मिश्र गलत कार्यकर्ता सहायिका नियुक्ति के अनेक प्रकारों का समाचार पत्रों के द्वारा खुलासा होने के बाद भी उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के स्थान पर उन्हें न केवल बचाया जा रहा है उनके विरुद्ध जांच टीम द्वारा दी गई रिपोर्ट भी पक्षकारों को नहीं दिखाई जा रही है
विभागीय सूत्रों की माने तो किसी पामगढ़ की पर्यवेक्षक के द्वारा परियोजना अधिकारी के भ्रष्टाचार का खुलासा कर देने के कारण उसके भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के स्थान पर जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा योजना पर तरीके से पर्यवेक्षक की निलंबन की कहानी रच दी गई मजे की बात है यह है कि कार्यक्रम अधिकारी महोदय जहां भी पदस्थ रहती है अपनी इस तरह के कार्य व्यवहार के लिए हमेशा सुर्खियों में रहती है लेकिन विडंबना है कि आज तक उनके विरुद्ध कोई ठोस कार्रवाई विभाग द्वारा क्यों नहीं की गई यह प्रश्नवाचक चिन्ह है?










