साय सरकार के सुशासन पर पलीता लगा रहा है पुलिस प्रशासनपुलिस मुख्यालय में योग्य अफसर की कमी के चलते व्यवस्था चरमराई

साय सरकार के सुशासन पर पलीता लगा रहा है पुलिस प्रशासन
पुलिस मुख्यालय में योग्य अफसर की कमी के चलते व्यवस्था चरमराई

रायपुर: – भ्रष्टाचार और कानून व्यव्स्था को मुद्दा बनाकर सत्ता में लौटी भाजपा सरकार के लिए कमजोर पुलिसिंग सबसे बड़ी सिरदर्द साबित हो रही है। मुख्यमंत्री और गृह मंत्री लगातार कानून व्यव्स्था को दुरुस्त करने पूरी ताकत झोंक रहे हैं पर अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहा है । इसकी बहुत बड़ी वजह है पुलिस मुख्यालय में योग्य अफसर की कमी। पुलिस मुख्यालय में कोई ऐसा अफसर नहीं जो फिल्ड और सरकार के मंशा के अनुरूप समन्वय बिठाकर व्यवस्था को दुरुस्त कर सके।

साय सरकार के सत्ता सम्हालने के सात माह में लचर कानून व्यवस्था का आलम यह है कि बलौदाबाजार में उग्र भीड़ कलेक्टर-एसपी आफिस को आग के हवाले कर देती है और पुलिस कर्मी जान बचाकर भागते नजर आते है। कमजोर खुफ़िया तंत्र और लचर पुलिसिंग के कारण काला अध्याय में छत्तीसगढ़ का नाम दर्ज हो गया।

प्रदेश में चैन स्नैचिंग , चाकूबाजी , आदिवासी अंचल जिले में खुलेआम भीड़ भरे बाजार में दिनदहाड़े युवती की हत्या , सुपारी किलिंग की वारदात भी प्रदेश में होने लगी है। वर्तमान में लचर कानून व्यव्स्था को कांग्रेस एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर सरकार पर लगातार हमला बोल रही है। 24 जुलाई को इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने विधान सभा का घेराव भी किया।

छत्तीसगढ़ जैसा शांत और भोलेभाले इस प्रदेश में लॉरेंस बिश्नोई , अमन गैंग के शूटर पूरे राज्य की शांति व्यस्था को खत्म कर दिया है यह प्रदेश के इतिहास में शायद पहली बार हुआ होगा जब इंटरनेशनल गैंगस्टर की धमक प्रदेश में सुनाई दी है . गैगस्टर जिस तरह से खुलेआम सड़को में गोली फायरिंग कर रहे है यह पूरे लॉ & ऑर्डर को मुहबायें चिढाते हुए दिखलाई पड़ती है .

बढ़ते अपराध की बानगी न्यायधानी में नजर आती है जहाँ मात्र 206 दिन में 7506 अपराध पंजीबद्ध किये गए जिसमे दुष्कर्म के 129 मामले यह अलाम तब है जब प्रदेश की भाजपा सरकार जीरो टोलरेंस और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का दम्भ भर रही है मगर हकीकत अपराधों के आंकड़े बताते है कि स्थिति क्या है . लूट , डकैती , हत्या और मारपीट तो जैसे आमबात हो गई है .

जिस तरह पूरे राज्य के भय और अराजकता का माहौल है राजधानी से लेकर छोटे छोटे जिलो में आमआदमी का सुरक्षित निकलना तक दूभर हो गया है गृह मंत्री कानुन इस माहौल को लेकर नाराजगी के साथ साथ सुधार की बाते तो करते है मगर इनकी कथनी और करनी में बड़ा फर्क नजर आता है वर्तमान समय मे आज अगर विधानसभा या लोकसभा चुनाव हो जाए तो छत्तीसगढ़ में जिस बहुमत से भाजपा की सरकार बनी थी वह औंधे मुंह गिर जाएगी वर्तमान में भाजपा की कार्यशैली कानुन व्यवस्था को लेकर बेहद खराब नजर आती है .

अगर समय रहते बढ़ते अपराधों पर नकेल नही कसा गया और साय सरकार कानून व्यव्स्था को दुरुस्त करने पर ठोस कदम नहीं उठाती है तो आगामी दिसंबर माह में होने वाले नगरीय निकाय के चुनाव में इसका खामियाज़ा भाजपा को निश्चित ही भुगतान पड़ेगा .

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *