जंगल विभाग की ट्रांसफर पोस्टिंग में चला राव का जादू , लिस्ट में कई चौकाने वाले नाम , सरकार की छवि धूमिल करने में नौकरशाह राव ने किया बड़ा लेनदेन ,

जंगल विभाग की ट्रांसफर पोस्टिंग में चला राव का जादू , लिस्ट में कई चौकाने वाले नाम , सरकार की छवि धूमिल करने में नौकरशाह राव ने किया बड़ा लेनदेन ,

रायपुर : – जंगल विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग के खेल में पीसीसीएफ श्रीनिवाशन राव का जादू फिर चल गया जैसा श्रीनिवाशन राव चाहते थे वैसे ही लिस्ट बनकर तैयार हो चुकी है जो आजकल में जारी भी हो जाएगी सूत्र बता रहे है कि ट्रांसफर पोस्टिंग के इस खेल में एक बड़ा लेनदेन किया गया है लेनदेन के इस पूरे खेल में श्रीनिवाशन राव की भूमिका सबसे बड़ी है जो अपने चहेते लोगो को मलाईदार जगह बैठाने की जद्दोजहद में लगे हुए है जिसमे राव कुछ हद तक कामियाब भी हो गए है . इस बानगी आपको आने वाली लिस्ट में दिखलाई पड़ेगी .

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार डिप्टी सीएम विजय शर्मा के गृह ग्राम कवर्धा में पदस्थ डीएफओ चूड़ामडी सिंह जो पूर्व वनमंत्री के काफी करीबी माने जाने वाले अधिकारी रहे है जिनको लेकर डिप्टी सीएम ने भी काफी नाराजगी जाहिर की थी उन्हें कवर्धा से उठाकर बस्तर संभाग के सबसे मलाईदार जगह भेजने की तैयारी की जा चुकी है वही दिलराज प्रभाकर प्रभारी सीसीएफ को कांकेर भेजने की तैयारी चल रही है यह वही दिलराज प्रभाकर है जिन्होंने पूर्ववर्ती सरकार में जमकर मलाई खाई और पूर्ववर्ती सरकार ने भी फूल फ्लैश सीसीएफ की जगह प्रभारी सीसीएफ दिलराज प्रभाकर को दुर्ग सीसीएफ बनाया था तत्कालीन सरकार में जो मलाई दिलराज ने खबोची वह मलाई श्रीनिवाशन राव तक पहुँचाई गई जिसके कारण दिलराज प्रभाकर को दुर्ग से कांकेर भेजने की तैयारी की जा रही है .

इस लिस्ट में एक नाम और भी है जो पूर्व वनमंत्री मो. अकबर की बहन है शमा फारूकी जिनका विवादों से पुराना नाता रहा है कटघोरा डीएफओ रहते भी इनपर तमाम तरह के आरोप लगते रहे कटघोरा के बाद मुंगेली पदस्थ अवधि में इनपर एक रेंजर ने गंभीर आरोप लगाया था वर्तमान में जो लिस्ट बन रही है उसमें शमा फारूकी को धमतरी में स्थायित्व रखा गया है.

सोचनीय विषय है कि जिस श्रीनिवाशन राव पर चुनाव और चुनाव के पहले इतने आरोप लगे जिससे पूर्ववर्ती सरकार भी कटघरे में आ गई वह अधिकारी आज भी जंगल विभाग के प्रमुख पद पर आसीन है सूत्र बताते है कि सत्ता और संघटन में श्रीनिवाशन राव ने अच्छी पकड़ बना ली है संघटन का राव पर हाथ है संघटन के पदाधिकारी और श्रीनिवाशन राव अचार सहिंता का इंतजार में लगे है जैसे ही अचार सहिंता लगेगी ट्रांफ़सर पोस्टिंग में बैन लग जाएगा और श्रीनिवाशन राव लोकसभा चुनाव तक पीसीसीएफ की कुर्सी में जमे रहेंगे . जंगल विभाग की ट्रांसफर पोस्टिंग लिस्ट में लेट लतीफी का कारण भी यही है कि इस लिस्ट के आने के बाद साय सरकार लोकसभा चुनाव के पहले ही कटघरे में खड़ी नजर आएगी क्योंकि जिस भ्रष्टाचार और घोटालो कि गूंज बताकर भाजपा सत्ता में काबिज हुई आज उन घोटालेबाजों को प्रश्रय देने का काम भाजपा सरकार ही कर रही है . अगर आने वाली इस लिस्ट ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंटरेस्ट नही दिखाया तो इसका परिणाम साय सरकार को लोकसभा में उठाना पड़ सकता है .

महत्वपूर्ण बात यह है कि सियासत तो बदल गई मगर सियासी भीतरखाने वैसे के वैसे है तत्कालीन सरकार के समय भ्रष्टाचार के आकंठ तक डूबे अफसर आज तक कुर्सी जमाये बैठे है और पूरे तंत्र को मैनेज कर रहे है श्रीनिवाशन राव जिनके भ्रष्टाचार की गूंज दिल्ली तक पहुँची आज वही श्रीनिवाशन राव खुलेआम ट्रांसफर पोस्टिंग के खेल में लगे हुए है अब यह किसकी सह पर हो रहा है यह तो वही जानते होंगे मगर आगामी चुनाव में भ्रष्टाचारियो पर कार्रवाही न होने की दशा में लोकसभा चुनाव में इसका असर दिखलाई पड़ेगा

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