अब नही सहिबो बदल के रहिबो का स्लोगन बना बीजेपी के जीत का मूल मंत्र , छत्तीसगढ़ के मूल आईपीएस , आईएएस की सूक्ष्म कार्ययोजना बनी सफलता की कुंजी ,

अब नही सहिबो बदल के रहिबो का स्लोगन बना बीजेपी के जीत का मूल मंत्र , छत्तीसगढ़ के मूल आईपीएस , आईएएस की सूक्ष्म कार्ययोजना बनी सफलता की कुंजी ,

रायपुर : – प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया है और भाजपा प्रचंड बहुमत से सरकार में काबिज हो चुकी है भाजपा के इस जीत का एक बड़ा मूल मंत्र था जिसे भाजपा ने चुनाव के कुछ माह पहले एक स्लोगन के रूप में जनता तक पहुँचाया ” अब नही सहिबों बदल के रहिबो “ इस मूल मंत्र के साथ बीजेपी पूर्ण बहुमत के सरकार बनाकर एक नाया कीर्तिमान रच दिया है इसके साथ ही यह पूरा चुनाव देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर केंद्रित रहा जिनकी गारंटी पर प्रदेश की जनता ने भाजपा को भर भर के आशीर्वाद प्रदान किया

छत्तीसगढ के मूल आईएएस और आईपीएस को नकारना कांग्रेस के लिए बना अभिशाप

बताते चले कि कांग्रेस की इस बुरी तरह से हार की एक मुख्य वजह यह भी रही कि कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के मूल आईपीएस और आईएएस को एक सिरे से नकार दिया एवं इस अफसरों को मुख्य धारा से जुड़ने ही नही दिया यह वही अधिकारी है जिन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य के उत्थान के लिए तमाम तरह की सूक्ष्म कार्ययोजनाओं को धरातल तक पहुँचाया इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के मुल आईपीएस और आईएएस की ईमानदारी और अच्छे कार्यो की सराहना प्रदेश की जनता ने भी किया है ऐसे में जनता जिसके कार्यो की सराहना करे उसे नकारना ही कांग्रेस के लिए अभिशाप साबित हुआ इसलिए जनता ने भी इस चुनाव में कांग्रेस की लंका ढहा दी

एक ऐसे अफसर जिनकी कार्ययोजना से बीजेपी को 6 विधानसभाओ में मिली भारी जीत

छत्तीसगढ़ मूल के एक ऐसे अफसर है जिन्होंने कांग्रेस की सत्ता में जब उन्हें मुख्य धाराओं से दूर रखा इसके बाउजूद भी इस अफसर ने अपनी सूक्ष्म कार्ययोजनाओ से अपने पदस्थ जिले के सात विधानसभाओं में छ विधानसभाओ में कार्य किया जिसकी परिणीति यह निकल कर आई कि भाजपा ने इन छयो विधानसभा में जीत का परचम लहरा दिया जो अपने आप मे एक बड़ा उदाहण है .

ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर भूपेश सरकार को छत्तीसगढ़ मूल के आईपीएस और आईएएस से ऐसी क्या दिक्कत थी कि उन्हें एक सिरे से खारिज कर दिया गया यह वही सरकार है जो आउटसोर्सिंग को लेकर बड़े बड़े दावे करती थी मगर छत्तीसगढ़ और अन्य प्रदेश के आईपीएस और आईएएस लॉबी के बीच एक बड़ी खाई खड़ी कर दी नतीजा यह निकला कि सरकार की नुमाइंदगी और चाटुकारिता करने वाले आईपीएस और आईएएस लगभग जेल में है या उस मुहाने पर पहुँच चुके है

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