बालको के विद्युत संयंत्रों, राखड़बांध एवं फ्लाई ऐश भराव में पाई गई पांच खामियां – वित्त मंत्री चौधरी

00 1429500 रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि किया मंडल मुख्यालय में जमा
रायपुर। विधानसभा में गुरुवार को बालको के विद्युत संयंत्रों, राखड़बांध एवं फ्लाई ऐश भराव में पाई गई खामियों का मामला प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधानयक धरमलाल कौशिक ने उठाया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि बालको के विद्युत संयंत्रों, राखड़बांध एवं फ्लाई ऐश भराव में पांच खामियां पाई गई हैं और समिति द्वारा उद्योग प्रबंधन के विरूद्ध पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित करने / विधिसम्मत कार्यवाही की अनुशंसा की गई जिस पर बालको प्रबंधन ने 1429500 रुपये का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि मंडल मुख्यालय में जमा किया।
प्रश्नकाल के दौरान विधायक कौशिक ने वित्त मंत्री से पूछा कि यह सही है कि दिनांक 28.02.2024 को बालको संयंत्र में नियमों का उल्लघंन संबंधित ध्यानाकर्षण सूचना में माननीय आवास एवं पर्यावरण मंत्री जी द्वारा घोषणा की गई थी कि “मै विभागीय रूप से इस प्रकरण में जांच भी कराऊंगा”? यदि हाँ तो किसके द्वारा जांच की जा रही है? समिति में कौन-कौन सदस्य हैं? जांच के क्या- क्या बिन्दु हैं? समिति की बैठकें कब-कब हुई हैं एवं समिति द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया है? समिति/जांच अधिकारी के द्वारा क्या निष्कर्ष प्रस्तुत किये गए हैं? जांच में क्या अनियमिताएं पाई गई हैं एवं इसके लिये दोषी कौन हैं तथा क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो जांच कब तक पूर्ण हो जावेगी?
वित्त मंत्री चौधरी ने सदन में बताया कि आवास एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा की गयी घोषणा के पालन में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के पत्र दिनांक 12.04.2024 के माध्यम से मेसर्स बालको कोरबा के ताप विद्युत संयंत्रों से उत्पन्न राख के भण्डारण, परिवहन एवं अपवहन की जांच हेतु 03 सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। गठित समिति के सदस्य (1) अनूप कुमार बेहरे अधीक्षण अभियंता, मुख्यालय, छ.ग. पर्यावरण संरक्षण मंडल रायपुर, (2) आर. के. शर्मा, अधीक्षण अभियंता, मुख्यालय, छ.ग. पर्यावरण संरक्षण मंडल रायपुर एवं प्रमेन्द्र शेखर पाण्डेय, क्षेत्रीय अधिकारी, क्षेत्रीय कार्यालय, छ.ग. पर्यावरण संरक्षण मंडल कोरबा है। समिति द्वारा बालको के ताप विद्युत संयंत्र से उत्पन्न राख के भण्डारण, परिवहन एवं अपवहन के बिन्दुओं पर जांच की गयी है। उक्त समिति के द्वारा पृथक से बैठक नहीं की गयी है, अपितु मेसर्स बालको के विद्युत संयंत्रों, राखड़बांध एवं फ्लाई ऐश भराव स्थलों का निरीक्षण दिनांक 01.05.2024 एवं 02.05.2024 को किया गया। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित कमियों पायी गयी:- (1) ऐश संग्रहण सायलो एरिया के आस-पास अत्यधिक मात्रा में ऐश का जमाव होना पाया गया। (2) ऐश डाइक मार्ग पर लगभग 20-30 टन राखड़ के 02 ढेर पाये गये, जिस पर मिट्टी की परत नहीं बिछायी गयी थी। (3) ऐश डाइक के पॉण्ड 02 एवं 06 में पर्याप्त जल छिड़काव व्यवस्था नहीं पायी गयी। (4) निरीक्षण के दौरान 02 वाहनों द्वारा उचित ढंग से तारपोलिन बांधे बिना परिवहन किया जाना पाया गया। (5) ग्राम-बरबसपुर स्थित स्थल पर ऐश के माध्यम से भू-भराव के उपरांत मिट्टी की परत बिछाने का कार्य प्रगति पर होना पाया गया, परन्तु पर्याप्त जल छिड़काव व्यवस्था नहीं पायी गयी, जिसके कारण राख उड़ती हुई पायी गयी। उपरोक्तानुसार पायी गयी कमियों के संबंध में समिति द्वारा उद्योग प्रबंधन के विरूद्ध पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि अधिरोपित करने / विधिसम्मत कार्यवाही की अनुशंसा की गई। तत्पश्चात उद्योग के ताप विद्युत संयंत्र को वायु (प्रदुषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 31 ‘क’ के तहत नोटिस जारी किया गया एवं पाये गये उल्लंघन हेतु पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि जमा किया जाने बाबत निर्देशित किया गया। उद्योग प्रबंधन के द्वारा समाधान कारक कार्यवाही किये जाने की जानकारी दी गयी एवं कुल 1429500/- रूपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति राशि मंडल मुख्यालय में जमा किया गया है। उपरोक्त की पुष्टि हेतु दिनांक 10.06.2024 को उद्योग के निरीक्षण के दौरान उद्योग प्रबंधन द्वारा समाधान कारक कार्यवाही किया जाना पाया गया। शेषांश प्रश्न उपस्थित नहीं होता है।










