नक्सलियों के सेफ जोन वाले ग्राम तोके में नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प की हुई स्थापना

नारायणपुर। जिले के नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में नक्सलियों के सेफ जोन माने जाने वाले ग्राम तोके में नारायणपुर पुलिस और बीएसएफ की 135वीं बटालियन ने मंगलवार को यहां नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प की स्थापना की है। नवीन कैम्प स्थापना में डीआरजी, बस्तर फाइटर, बीएसएफ की 133वीं और 135वीं वाहिनी की संयुक्त भूमिका रही।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस द्वारा संचालित “माड़ बचाओ अभियान” के तहत अबूझमाड़ क्षेत्र में लगातार सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जा रही है। पिछले एक वर्ष में जिले में यह 15वां सुरक्षा एवं जन सुविधा कैम्प खोला गया है। नक्सल प्रभावित ग्राम तोके में कैम्प खुलने से क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह और सुरक्षा का नया वातावरण बना है। ग्राम तोके थाना कोहकामेटा से 17 किलोमीटर, इरकभट्टी से 11 किलोमीटर और कच्चापाल से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, यह इलाका अब तक नक्सलियों के प्रभाव में था।
कैम्प स्थापना के अवसर पर पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुडिय़ा (भा.पु.से.) एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने तोके, मुसेर, कोंदाहूर, मापंगल, कोड़ेनार, बुरुम सहित आस-पास के गांवों से आए ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से वे नक्सल हिंसा और भय के साए में जीवन बिता रहे थे। अब पुलिस कैम्प खुलने से वे निडर होकर जी सकेंगे। ग्रामीणों ने नक्सलियों के उत्पीडऩ का विरोध करते हुए नक्सलवाद का समर्थन नही करने और शांति के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। नारायणपुर पुलिस के अनुसार वर्ष 2024-25 के दौरान अबूझमाड़ क्षेत्र में 208 नक्सलियों ने नक्सल विचारधारा छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। वहीं विभिन्न अभियानों में 99 नक्सली मारे गए और 117 गिरफ्तार किए गए। पुलिस के अनुसार नये कैम्प नक्सलियों की गतिविधियों को रोकने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहे हैं। पिछले एक वर्ष में नारायणपुर जिले के अंदरूनी क्षेत्रों – कुतुल, कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कान्दुलपार, नेलांगूर, पांगूड, रायनार, एडजुम, ईदवाया, आदेर, कुड़मेल, कोंगे, सितरम और अब तोके – में सुरक्षा कैंपों की स्थापना की जा चुकी है।
नारायणपुर एसपी राबिंसन गुडिय़ा ने बताया कि शीघ्र ही यहां “नियद नेल्लानार” के तहत जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगों पर कार्य किया जाएगा। कैम्प की स्थापना से अब क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, चिकित्सा और मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। सुरक्षा की निगरानी में सड़क निर्माण सहित विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *