नक्सल संगठन में दो फाड़ सोनू के आत्मसमर्पण वाले पत्र को उत्तर बस्तर व गढ़चिरौली के नक्सलियों ने किया समर्थन

जगदलपुर। बस्तर संभााग में सक्रिय नक्सली संगठन अब अंदरूनी खींचतान से जूझ रहा है। लगातार सुरक्षाबलाके के मुठभेड और शीर्ष नक्सली कैडरों के मारे जाने से जहां नक्सलियों के बीच भय का माहौल है, वहीं अब नक्सल संगठन में दो फाड़ हो गया है। ताजा मामला पोलित ब्यूरो सदस्य और कुख्यात नक्सली कमांडर सोनू से जुड़ा है। सोनू ने हाल ही में सरकार के सामने आत्मसमर्पण करने और हथियार छोडऩे का संकेत देते हुए एक पत्र जारी किया था। इस पत्र के सामने आने के बाद नक्सलियों में खलबली मच गई है।
सोनू के आत्मसमर्पण वाले पत्र को उत्तर बस्तर डिवीजन और गढ़चिरौली डिवीजन की टीमों ने समर्थन किया है। दोनों डिवीजनल कमेटियों ने सोनू की बात का समर्थन करते हुए पत्र भी जारी कर दिया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। अपने प्रेस नोट में उक्त दोनो डिवीजनल कमेटियों ने स्पष्ट शब्दों में लिखा कि “अब हथियार डाल देने का समय आ गया है” और सभी नक्सलियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की। लेकिन इसी बीच संगठन के अन्य शीर्ष कैडर अभय और विकल्प ने सोनू के फैसले का विरोध करते हुए नया पत्र जारी किया। नक्सलियों के बीच यह बयानबाजी और विरोध अब सीधे-सीधे दो फाड़ की ओर इशारा कर रही है। एक ओर वह धड़ा है, जो पुलिस की सख्त कार्रवाई और लगातार हो रही हत्याओं से डरकर आत्मसमर्पण के पक्ष में है। वहीं दूसरी ओर वह धड़ा है, जो अब भी लड़ाई जारी रखने के लिए संगठन में बने रहना चाहता है। इस बीच सुरक्षाबलों ने साफ संकेत दिया है कि मिशन 2026 के तहत नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज की जाएगी।










