जन्म – मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने, पंचनामा और पार्षद से सत्यापन का फरमान जारी होने के बाद कन्हैया ने सौंपा महापौर और कमिश्नर को ज्ञापन

00 नए निर्देश निरस्त करने की मांग
रायपुर। नगर निगम रायपुर द्वारा जन्म – मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को जटिल किए जाने पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कड़ी आपत्ति जताई करते हुए उन्होंने महापौर श्रीमती मीनल चौबे और कमिश्नर श्री विश्वदीप को ज्ञापन देकर नए निर्देशों को तत्काल वापस लेने की मांग की गई।
प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल और सुरेश बाफना ने इस निर्णय को शोकाकुल परिवारों की परेशानी बढ़ाने वाला और अमानवीय बताया। उन्होंने कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र एक संवेदनशील दस्तावेज़ है, जिसकी तत्काल आवश्यकता परिवार को पड़ती है। ऐसे समय में शोकाकुल परिजनों को सत्यापन और कागजी औपचारिकताओं के बोझ तले दबाना अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम का यह आदेश परिजनों का अनावश्यक शोषण करेगा और समय की बर्बादी भी बढ़ाएगा। अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन का कर्तव्य है कि वह लोगों को सुविधा दे, लेकिन इस आदेश से उल्टा परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि पांच लोगों से सत्यापन करना उनके आधार कार्ड की कॉपी लेना पार्षद से सत्यापन करना जटिल है क्योंकि कोई भी व्यक्ति किसी की मृत्यु को प्रमाणित करने के लिए सामान्य रूप से अपने दस्तावेज देना नहीं चाहता है। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि इस संबंध में पूरी जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी उन्होंने कहा कि किसी भी मृतक के परिवार या संबंधितों को परेशानी आए ऐसा कोई कार्य नगर निगम नहीं करेगा। नगर निगम आयुक्त में भी अस्वस्थ किया कि इस मामले में संवेदनशीलता के साथ कार्य करेंगे।
अग्रवाल ने मांग की है कि नगर निगम रायपुर तत्काल इस आदेश को तत्काल निरस्त करे तथा मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाए, ताकि शोकग्रस्त परिवारों को राहत मिल सके। शोकाकुल परिवार की परेशानी बढ़ाने वाला यह निर्णय वापस नहीं लिया जाता है तो इसके खिलाफ जन आंदोलन किया जाएगा।










