चौबे कुशवाहा की जोड़ी संचनालय में चर्चाएं , आखिर ये रिश्ता क्या कहलाता है .

चौबे कुशवाहा की जोड़ी संचनालय में चर्चाएं , आखिर ये रिश्ता क्या कहलाता है .
रायपुर : – महिला एवं बाल विकास विभाग में
इन दिनों दो अधिकारियो की चर्चाएं सुर्खियों में है . दोनों ही अधिकारियों में मोह इस कदर हावी है कि इनके मोह के किस्से अब संचनालय की गलियारों की बेंच से लेकर कार्यालय के हर चेम्बर तक हो रही है .
यह दोनों ही अधिकारी महिला बाल विकास विभाग के वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी है जिसमे एक अधिकारी की लंबी चौड़ी शिकायतों के बाद उन्हें बिलासपुर प्रशिक्षण केंद्र स्थानांतरित किया जा चुका है और दूसरे पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है जिससे घबराकर यह अधिकारी व्हाट्सअप में अपने ही कनिष्ठ अधिकारियो की चुगली करते नजर आ रहे है .. और खुद को पाक साफ बतला रहे है .
कौन है वह राजपत्रित अधिकारी : –
विवादों और भ्रष्टाचार में लिप्त राज्य संसाधन केंद्र के संचालक सुरेंद्र चौबे और रामजतन कुशवाहा की जोड़ी को देखकर अब तो लोग भी कहने लगे है कि ये रिश्ता क्या कहलाता है . इस मोह की चर्चाएं इसलिए भी ही रही है क्योकि रामजतन कुशवाहा उपसंचालक को लंबी चौड़ी शिकायतो के बाद संचनालय से बिलासपुर प्रशिक्षण केंद्र भेजा गया था जहाँ इन्होंने जोइनिंग भी दे दी है . जुम्मा जुम्मा इन्हें बिलासपुर गए सप्ताह भर भी नही बीते है वही दूसरी ओर सुरेंद्र चौबे जिनका विवादों से पुराना नाता है यह दोनों ही अधिकारी अपने कार्यायलीन समय मे मंत्रालय और सचिवालय में तफरीह काटते नजर आए . इस जुगलबंदी को टेबल दर टेबल चक्कर काटते देख संचनालय में तरह तरह की बाते हो रही है . सूत्र बताते है कि यह दोनों ही अधिकारी अपनी अपनी करतूतों पर पर्दा डालने की जुगत में लगे हुए है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण संचनालय में देखा गया जब यह दोनों अधिकारी अंडर सेकेट्ररी के कमरे में बिना परमिशन फाइलें खंगालते पाए गए . जिसकी पड़ताल की जानी चाहिए कि आखिर यह अधिकारी विभाग से कौन सी फाइलें गायब करने की नियत से संचनालय अपने कार्यालयीन समय मे गए थे .
ड्यूटी से नदारत : –
महत्वपूर्ण है कि रामजतन कुशवाहा बिलासपुर प्रशिक्षण केंद्र से और सुरेंद्र चौबे राज्य स्तरीय प्रशिक्षण केंद्र से नदारत होकर मंत्रालय और संचनालय के चक्कर काट रहे है और अपनी ड्यूटी से नदारत है . संचनालाय के उपसंचालक सुनील शर्मा के चेम्बर में इनकी लंबी सिटिंग जहाँ शर्मा जी इनकी जमकर खातेदारी करते नजर आते है अब खातेदारी हो भी क्यो न आखिर यह तीनों अधिकारी एक ही थाली के चट्टे बट्टे है . बताते चले कि श्री चौबे कि पहले भी मोबाईल खरीदी और शासकीय काम के बहाने दुर्ग से रायपुर और रायपुर से नया रायपुर से चक्कर काटते पाए जाने की शिकायत पर जांच लंबित है . उक्त राजपत्रित अधिकारियों की यह करतूत सिविल सेवा आचरण नियम के विरुद्ध है लिहाजा इन दोनों अधिकारियो का मोबाईल लोकेशन ट्रेक कर इन दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई किया जाना चाहिए .
बेवजह की आवाजाही पर लगे रोक : –
विभाग के सचिव और संचालक को चाहिए कि इस तरह बेवजह अपने कार्यालय को छोड़ मंत्रालय और संचनालाय में तफरीह काटने वाले अधिकारियों पर पैनी निगाह रखते हुए कार्यवाहीं किया जाना चाहिए और इनके मोबाइलों की लोकेशन की जांच भी की जानी चाहिए .
सुशासन की सरकार को चाहिए कि ऐसे अफसरों की लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाली सरकार में भारसाधक सचिव और संचालक से कड़े निर्देश जारी कर ऐसी आवाजाही पर रोक लगाए जाने की जरूरत है .










