केंद्रीय वित्त मंत्री से मिला चेंबर प्रतिनिधिमंडल,जीएसटी सरलीकरण से सम्बंधित 21 सूत्रीय सौंपा ज्ञापन

रायपुर। चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में चेंबर प्रतिनिधिमंडल ने नॉर्थ ब्लॉक, नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री, श्रीमती निर्मला सीतारमण से सौजन्य भेंट मुलाकात की। इस भेंट वार्ता में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली के सरलीकरण और युक्तियुक्तकरण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल जीएसटी काउंसलिंग के पूर्व बैठक से वित्त मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें जीएसटी प्रणाली को और अधिक व्यापारी-हितैषी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। ज्ञापन में विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यापारियों को होने वाली परेशानियों पर ध्यान केंद्रित किया गया है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक और तकनीकी सुधारों की मांग की गई है। बैठक के दौरान संरक्षक श्रीचंद सुंदरानी (पूर्व विधायक) ने धारा 71 के का दुरुपयोग पर आपत्ति जताते हुए वित्त मंत्री को अवगत कराया कि धारा 71 के अंतर्गत व्यापारियों को अनावश्यक दबाव एवं ज़बरदस्ती की स्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर माननीय वित्त मंत्री ने तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जानकारी मंगवाने के निर्देश दिए।
कार्यकारी अध्यक्ष राजेश वासवानी ने बताया कि बैठक में चैंबर की ओर से निम्न प्रमुख मांगें रखी गईं जिसमें अपील दायर करने की समय-सीमा को बढ़ाया जाए। नोटिस व्यापारियों को व्हाट्सएप के माध्यम से भी भेजे जाएँ, ताकि समय पर जानकारी उपलब्ध हो सके। ई-वे बिल में छोटी तकनीकी त्रुटियों पर भारी-भरकम दंड न लगाया जाए। आईटीसी ब्लॉकिंग एवं बैंक लियन की प्रक्रिया से पूर्व व्यापारी से समुचित संवाद किया जाए तथा नोटिस देकर स्पष्टिकरण का अवसर दिया जाए। सीमेंट में 28 से 18′, गुलाल 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत की जाए। प्लाईवुड में 5′, मोबाइल और टीवी में 5′, गोल्ड में1′, छोटी गाडिय़ा, फ्रिज एवं एसी में 18′, रेडीमेड में 1000 से ऊपर मूल्य वाले वस्तुओं पर 5′, एवं खाद्य पदार्थ को जीएसटी कर से मुक्त रखा जाए।
इसके साथ ही चेंबर ने वित्त मंत्री के समक्ष रखी 21 सूत्रीय मांग रखते हुए प्लाई बोर्ड, गोल्ड, इलेक्ट्रॉनिकस, खाद्य पदार्थ पर जीएसटी दर की कम करने, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर जीएसटी का रिबेट करने, बैंक द्वारा रेपो रेट से सम्बंधित आदेश का पालन नहीं करने पर आवश्यक कार्यवाही करने, अपील फाइल करने के लिए एक एमनेस्टी स्कीम लाया जाए जो भी पुराने किसी जो टाइम बढ़ हो गए हैं उन्हें अपील फाइल करने का मौका देने, ट्रिब्यूनल का जल्द गठन सुनिश्चित किया जाए तथा उसमें जो फ्री डिपॉजिट करते हैं उसको 7:30 करके 15′ तक नियंत्रित किया जाए, जीएसटी पर लगने वाले 18′ ब्याज को काम करके 10 से 12′ तक लाने, टैक्स पटाने के लिए यूपीआई पेमेंट सिस्टम का विकल्प के साथ क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी दी जाए, होली उत्सव में प्रयोग होने वाले गुलाल का एचएसएन कोड निर्धारित कर इसे नविन वर्ग में रखने की मांग रखी एवं यह भी बताया की अब जीएसटी से सम्बंधित नोटिस, व्यापारियों को सीधे उनके वाट्सअप पर प्राप्त होगी।

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