35 करोड़ के मुवावजे में 326 करोड़ का क्लेम , 248 बांट भी दिए बचे 78 करोड़ के लिए जब कटा बवाल तो हुआ खुलासा , एसडीएम सस्पेंड

35 करोड़ के मुवावजे में 326 करोड़ का क्लेम , 248 बांट भी दिए बचे 78 करोड़ के लिए जब कटा बवाल तो हुआ खुलासा , एसडीएम सस्पेंड
रायपुर : – तीन राज्यो से होकर गुजरने वाली रायपुर – विशाखापत्तनम सिक्स लेंन ग्रीन कॉरिडोर जमीन अधिग्रहण मामले में बड़ा कांड करने वाले एसडीएम को निलंबित कर दिया गया है । मामले में तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी एवं सक्षम प्राधिकारी भू-अर्जन, अभनपुर निर्भय साहू पर आरोप है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में भू-अर्जन के रूप में वास्तविक मुआवजा से अधिक मुआवजा राशि का भुगतान कर निजी भूस्वामियों को अवैध रूप से लाभ पहुंचाकर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई है.
35 करोड़ के मुवावजे में 326 करोड़ का क्लेम
जमीनों के अधिग्रहण के लिए जो मुवावजा बनना था वह 35 करोड़ का था मगर एसडीएम ने जमीनो के छोटे छोटे टुकड़ों में बांटकर ऐसा खेल खेला की 35 करोड़ का मुवावजा 326 करोड़ का हो गया । कमाल की बात तो यह है कि इसमे 248 करोड़ की राशि बांट भी दी गई । इस राशि का 78 करोड़ के लिए जब किसानों ने हंगामा किया और सड़क निर्माण में रोक लगाई तो इस स्कैम का खुलासा हुआ ।
रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे भारतमाला परियोजना :
बता दें कि रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, भारतमाला परियोजना का हिस्सा है. यह एक 6-लेन एक्सप्रेसवे है, जो छत्तीसगढ़, ओडिशा, और आंध्र प्रदेश से होकर गुज़रेगा। यह एक्सप्रेसवे 464 किलोमीटर लंबा है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से रायपुर और विशाखापट्टनम के बीच की दूरी कम होगी। इससे आम नागरिकों के साथ-साथ कारोबारियों को भी फ़ायदा होगा। इसके अलावा आयरन ओर, धान-चावल, और दूसरे सामान को जापान, चीन, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में निर्यात किया जा सकेगा।
इस एक्सप्रेसवे के लिए केंद्र सरकार ने 20,000 करोड़ रुपये दिए हैं. इस लागत में निर्माण और ज़मीन अधिग्रहण दोनों शामिल हैं, बाकी लागत छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश राज्य वहन करेंगे।










