कांकेर में पिछले पांच दिनों में तीसरी बार शिवनगर पहाड़ पर दिखा वन्य प्राणी तेंदुआ

कांकेर। शिवनगर पहाड़ पर वन्य प्राणी तेंदुआ देखा गया। तेंदुए ने रात के समय दो मुर्गियों का शिकार किया और सुबह पहाड़ पर घूमता नजर आया। विदित हो कि कांकेर के शहरी इलाकों में पांच दिन में तेंदुआ तीसरी बार देखा गया है, यानी 1 जुलाई को भी तेंदुआ कांकेर के इमलीपारा क्षेत्र के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में दिखाई दिया था। उस समय तेंदुए ने एक बछड़े का शिकार किया था। वहीं पास के कोडेजूंगा गांव में 2 जुलाई को कई आवारा कुत्ते अचानक गायब हो गए। गांव वालों को शक है कि तेंदुए ने ही उन्हें शिकार बनाया है। तेंदुए के बार-बार दिखाई देने से आस-पास के गांवों में डर का माहौल है। पिछले कुछ महीनों में कांकेर और उसके आस-पास तेंदुओं की मौजूदगी बढ़ गई है।
कांकेर जिले के शहरी इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर दहशत व्याप्त है। एक जुलाई को जिस इलाके में तेंदुए ने गाय को जिंदा मारकर खाया था, उसी इलाके से लगे कोडेजूंगा में 2 जुलाई को कुछ आवारा कुत्ते गायब हुए हैं। यहां के रहवासी को आंशका है कि तेंदुए ही कुत्तों को शिकार बना रहा है। तेंदुओं की बढ़ती आबादी से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गांव से लेकर शहर तक पहाड़ी और रहवासी इलाकों में तेंदुए दिख रहे हैं। वर्तमान में हाउसिंग बोर्ड और कोडेजूंगा इन दो इलाकों में तेंदुए की पुष्टि हुई है। वहीं कांकेर के दुधावा क्षेत्र में तेंदुओं के हमलों की कई घटनाएं हो चुकी हैं। अब तक 6 लोगों पर हमला हो चुका है, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। कुछ समय पहले एक आदमखोर तेंदुआ पकड़ा गया था, जिसने कई ग्रामीणों पर हमला किया था। कभी-कभी तेंदुए घरों में भी घुस जाते हैं, जिससे लोग बहुत डरे हुए हैं।
कांकेर डीएफओ रौनक गोयल ने कहा कि तेंदुए पर लगातार निगरानी की जा रही है। अब तक तीन बार तेंदुएं के पहुंचने की सूचना हमें मिली है। बाजू में तेंदुआ संरक्षित पहाड़ होने की वजह से सुबह तेंदुआ देखा गया। निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा भी लगाया गया है। जरूरत पडऩे पर तेंदुए को पकडऩे की कार्रवाई की जाएंगी।










