विधानसभा सीरीज – वरिष्ठता सूची में 17वें नंबर पर संजय दुबे की अहम पद पर ताजपोशी, दिनेश शर्मा के कार्यकाल में हुआ खेल!

रायपुर – छत्तीसगढ़ विधानसभा में कानून बनाए जाते हैं, लेकिन विधानसभा सचिवालय की अपनी व्यवस्था में पदस्थापनाओं से लेकर खरीदी, निर्माण और भवनों तक का हिसाब अब चर्चा में है। विधानसभा सीरीज की इस कड़ी में मामला भाषा, संस्कृति एवं साहित्य अधिकारी के पद पर संजय दुबे की पदस्थापना का है। 1 अप्रैल 2022 की सहायक ग्रेड-1 वरिष्ठता सूची में संजय दुबे 17वें नंबर पर हैं। बावजूद इसके 19 अक्टूबर 2020 के विधानसभा आदेश से उन्हें भाषा, संस्कृति एवं साहित्य अधिकारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी गई। यह तत्कालीन एवं वर्तमान विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा के कार्यकाल का मामला है। सचिवालय में उनसे वरिष्ठ, अधिक अनुभवी और बेहतर शैक्षणिक योग्यता वाले अधिकारियों की मौजूदगी के बीच संजय दुबे को इस पद पर बैठाया जाना पूरे प्रकरण का सबसे अहम पहलू है।
भाषा, संस्कृति एवं साहित्य अधिकारी का पद ऐसा है, जिसका सीधा संबंध भाषा, साहित्य, कला और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत से है। इस पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और कंप्यूटर टाइपिंग जैसी अनिवार्य शर्तों का उल्लेख भी किया गया है। ऐसे महत्वपूर्ण पद पर संजय दुबे की पदस्थापना और उनकी योग्यता का मामला अब सचिवालय की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इस पूरे प्रकरण में दिनेश शर्मा के कार्यकाल का 19 अक्टूबर 2020 का आदेश केंद्र में है। वरिष्ठ अधिकारियों को पीछे छोड़कर संजय दुबे को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने के फैसले ने सचिवालय के भीतर पदस्थापना की व्यवस्था और निर्णयों के आधार को चर्चा में ला दिया है। संजय दुबे को तत्कालीन सचिव का करीबी होने के कारण लाभ दिए जाने का आरोप भी इसी प्रकरण का हिस्सा है।
विधानसभा सचिवालय में यह मामला अकेला प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की पड़ताल का हिस्सा है जहां पदस्थापना से लेकर सरकारी खरीदी, निर्माण और भवनों से जुड़े फैसलों तक जवाबदेही तय होनी चाहिए। कानून बनाने वाली संस्था के भीतर प्रशासनिक फैसलों का हिसाब भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना उन नियमों का, जिनका पालन पूरे प्रदेश से अपेक्षित है।
विधानसभा सीरीज में अब सचिवालय के उन फैसलों की परतें खुलेंगी, जिनमें पद, प्रक्रिया और जिम्मेदारी तीनों का हिसाब सामने आना जरूरी है।










