सरकार के तीन महीने का आल्हा , छत्तीसगढ़ का बदला जायका , बोरे-बासी चीला-फरा की जगह मिल रहा लिट्टी चोखा

सरकार बनने के तीन माह में क्या क्या हुआ बदलाव
पाँच मिनिट में दिखलाता हूँ आओ तुमको पूरा तीन माह ,
सबसे पहले बदला जायका जो था खासमखास बोरे-बासी वाले राज्य ने चख लिया लिट्टी चोखे का स्वाद ,
लिट्टी चोखा खा के भूले चीला फरा का स्वाद अब बताओ कहा मिलेगा खुरमी और ठेठरी वाला स्वाद ,
इसके बाद लगी सदन , सदन में मचा हाहाकार बताया नेता प्रतिपक्ष ने क्या है सूबे का हाल ,
भरे सदन में मंत्री जी की नसीहतें मगर सुने कौन उनकी बात , सर खुजा रहे पक्ष और विपक्ष के नेताओ का है बुरा हाल ,
सत्ता के गलियारे में ये चर्चा हुई आम
सीएम हाउस में बैठा उल्लू लक्ष्मी जी के साथ ,
सीएम साहेब तो ठहरे सीधे-साधे फायदा उठा रहे नौकरशाह ,
ओएसडी की गाड़ी में पिस्टल लिए सीएम हाउस तक पहुँच गया एक ठेकेदार ,
गरीब सिपाहियों को बना के बलि का बकरा पिस्टलधारी को कह गए चंद्रशेखर आजाद ,
पंद्रह साल रमन शासन और देख लिया भूपेश का राज ,
अब भी न बदली सूबे की सियासत तीन माह में ही हो गया बुरा हाल ,
सोचे थे सत्ता बदली अब लिखेगे नया इतिहास ,
मगर ये क्या छत्तीसगढ महतारी की ही फ़ोटो गायब क्या ऐसे बदलेगा इतिहास ,
संस्कृति परंपरा खत्म हुई और खत्म हुआ छत्तीसगढ़ी महतारी का जस गान , वो बिहार के लाला क्या गजब किया तुमने कमाल ,
राम नाम की मची है लुट , लूट रहे सियासतदान अब कैसे संवरोगे साहब सूबे का हुआ बुरा हाल ,
ये घोटाला वो घोटाला सब घोटालों का हुआ है पर्दाफाश , विडंबना तो देखो यही घोटालेबाज चला रहे है सत्ता और सरकार ,
जल्दी ही इसका परिणाम मिलेगा जनता करेगी अपना हिसाब लोकसभा सर पर है उसमें होगा सबका हिसाब किताब ,










