जिंदल कोल माइंस हादसा मामले में ब्लास्टिंग ऑफिसर, सेफ्टी इंचार्ज के अलावा अन्य के खिलाफ मामला दर्ज

रायगढ़। जिंदल कंपनी के कोल माइंस में ब्लास्टिंग के दौरान एक असिस्टेंट इंजीनियर और एक मजदूर की मौत हो जाने के मामले में तमनार पुलिस ने गारे पेलमा माइंस के ब्लास्टिंग ऑफिसर, सेफ्टी इंचार्ज के अलावा अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक आशुष बिशोई ओडिशा 2024 से जिंदल पावर लिमिटेड में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर काम करते आ रहा था। बताया जा रहा है कि 18 अप्रैल को गारे पेलमा र्माइंस में लेबरो के साथ ब्लास्टिंग तार बिछाया था। इडी बांधकर आये गाड़ी ब्लास्टिंग मोबाईल सेक्टर क्रमांक सीजी 29 ए 4990 को कुछ दूरी पर खड़ी कर अंदर पीछे बैठकर ब्लास्टिंग के लिये ब्लास्टिंग अधिकारी से परमिशन के बाद ब्लास्टिंग होने पर ब्लास्टिंग का पत्थर का एक टुकड़ा गाड़ी के पीछे दरवाजे को तोड़ते हुए अंदर बैठे आशुष बिशोई एवं उसके साथी चंद्रपाल राठिया, तरूण निषाद को लगने पर मौके पर ही आयुष बिशोई की मौत हो गई एवं उसके दोनों साथी गंभीर रूप से घायल होनें पर उन्हें रायगढ़ अस्पताल भेज दिया गया था। जहां उपचार के दौरान चंद्रपाल राठिया की भी मौत हो गई।
इस मामले में परिजनों की शिकायत के बाद तमनार पुलिस ने जिंदल कंपनी गारे पेलमा मर्माइंस के ब्लास्टिंग ऑफिसर राजेश शर्मा, सेफ्टी इंचार्ज हरिप्रसाद एवं अन्य लोगों के खिलाफ धारा 106 (1) 3 (5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *