क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर की संस्था खेलों को बढ़ावा देने बना रही है, खेल मैदान

दंतेवाड़ा। नक्सल प्रभावित इलाकों में छिपी खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर की संस्था ने कदम बढ़ाया है। उनकी संस्था से जुड़ी मानसी चैम्पियंस ने दंतेवाड़ा जिले में खेलों को बढ़ावा देने के लिए एक अनूठी पहल की है। इस पहल के तहत दंतेवाड़ा जिले के 50 स्कूलों में खेल मैदान बनाए जा रहे हैं, जहां कबड्डी, खो-खो, गोला फेंक और भाला फेंक सहित विभिन्न खेलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गीदम ब्लॉक के छिंदनार स्थित हाईस्कूल में प्रशिक्षकों ने एक मैदान तैयार किया है। इंद्रावती नदी के किनारे स्थित जिले के 50 स्कूलों से एक शिक्षक और एक ग्रामीण को प्रशिक्षण दिया गया है। 24 मार्च से 29 मार्च तक चले इस प्रशिक्षण सत्र में प्रशिक्षकों ने खेल की तकनीकी बारीकियों पर फोकस किया। खास बात यह है कि इस पूरी पहल के लिए संस्था ने सरकार या जिला प्रशासन से कोई आर्थिक सहायता नहीं ली। संस्था का उद्देश्य आदिवासी बच्चों को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाना और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देना।
संस्था ने खेल के लिए आवश्यक संसाधन भी बेहद अनोखे तरीके से जुटाए हैं। जंगल की लकड़ियों से खेल सामग्रियों का निर्माण किया गया, ताकि बच्चों को अभ्यास करने में कोई बाधा न आए। इससे न केवल पर्यावरण अनुकूल साधनों का उपयोग किया गया, बल्कि स्थानीय संसाधनों से खेल संस्कृति को विकसित करने की एक मिसाल भी पेश की गई। इस पहल के तहत विभिन्न खेलों में दक्ष 15 बच्चों का चयन किया गया है। चयनित बच्चों में राजेश पोडियाम (कासौली), शिवशंकर कश्यप (झोड़िया बाड़म), ब्रजेश मरकाम (बालूद), जयदीप यादव (मेंडोली), रवि कुमार पोडियामी, महेंद्र बैगलूरू, मनोज तेलम, कोमल सिंह गाटम, शिव तेलाम (भांसी), तरुण कुजाम (बड़ेबेड़मा), अनिल कर्मा (दुगेली), आकांक्षा ओयामी (केशपुर) तथा वीरेंद्र कुमार कावासी (बड़ेगोडरे) शामिल हैं।
छिंदनार में जब मैदान तैयार हुआ, तो स्वयं दंतेवाड़ा कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने इसका जायजा लिया और संस्था के प्रयासों की सराहना की। मैदान में 60 मीटर एथलेटिक्स ट्रैक, कबड्डी, फुटबॉल ग्राउंड, वॉलीबॉल कोर्ट, लंबी कूद, स्लेक्स लाइन, शॉर्ट फुट, डिस्कस थ्रो और जंगल जिम जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

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