बिजली कटौती और दाम बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

00 प्रदेश के सभी 307 संगठन ब्लॉकों में दिया गया धरना
रायपुर। बिजली कटौती और बिजली के दामों की बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने आज प्रदेश के सभी ब्लॉकों में धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौपा। बिजली कटौती और महंगी बिजली के कारण परेशान जनता की आवाज को उठाने कांग्रेस ने जनआंदोलन छेड़ा है।प्रदेश के सभी 307 संगठन ब्लॉकों में आज धरना दिया गया।
कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता गण अपने-अपने क्षेत्रों के ब्लॉकों में आयोजित धरनों में शामिल हुये। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के धरने में शामिल हुये। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजधानी के राजीव गांधी चौक के धरने में तथा पूर्व मुख्यमंत्री कुशालपुर रिंग रोड, सिद्धार्थ चौक, राजीव गांधी चौक के धरने में शामिल हुये।
राजधानी रायपुर के धरने को संबोधित करते हुये प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले 6 माह में विद्युत सरप्लस वाला छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कटौती का केंद्र बन गया है। कोई ऐसा दिन नहीं होता जब बिजली दो-चार घंटे के लिये बंद न हो, रात में तो बिजली की स्थिति तो और भयावह हो जाती है, घंटोँ बिजली गोल हो जाती है। बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से शहर और गांव की जनता जूझ रहे हैं।
धरने को संबोधित करते हुये पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय पूरे 5 साल सरप्लस बिजली छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को मिलता रहा अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद तेलंगाना, गोवा, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यो को पावर एक्सचेंज एग्रीमेंट के तहत छत्तीसगढ़ से बिजली सप्लाई की जाती थी।
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में मांग से अधिक बिजली का उत्पादन करने की क्षमता है लेकिन भारतीय जनता पार्टी की साय सरकार आने के बाद से विद्युत का उत्पादन और आपूर्तिबाधित किया जा रहा है। सर्वे के आधार पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने हर साल लगभग साढ़े 7 प्रतिशत की दर से बिजली के डिमांड बढऩे का अनुमान लगाते हुए कोरबा पश्चिम में 1320 मेगावाट संयंत्र की स्थापना के लिए आधारशिला रखी थी जिसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *