मिलेट्स कार्ट – कागज़ से बाजार तक 34 लाख की शुरुआत, क्या बनेगी लखपति दीदी की असली कहानी?

मिलेट्स कार्ट – कागज़ से बाजार तक 34 लाख की शुरुआत, क्या बनेगी लखपति दीदी की असली कहानी?
रायपुर/कांकेर : – महिला सशक्तिकरण के नाम पर कई योजनाएं आईं और चली गईं, लेकिन लक्ष्मी मिलेट्स कार्ट अभियान एक अलग तरह का प्रयोग बनकर सामने आया है। जहाँ पैसा सीधे हाथ में नहीं, बल्कि रोज़गार के रूप में दिया जा रहा है। 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर शुरू इस पहल में 17 महिला स्व-सहायता समूहों/हितग्राहियों को कुल ₹34 लाख की सहायता देकर उन्हें मिलेट कार्ट और कैफे चलाने का जिम्मा दिया गया है।

और यहीं से शुरू होती है असली कहानी ठेले से तरक्की तक की। शुरुआत छोटी है, लेकिन सोच बड़ी है। किसी को ₹2 लाख, किसी को थोड़ा कम या ज्यादा, लेकिन हर एक के हाथ में एक जिम्मेदारी, एक विश्वास और एक रास्ता दिया गया है। रास्ता ऐसा, जिसमें मिलेट्स हैं। जो खेत से आते हैं, सेहत बनाते हैं और बाजार तक पहुंचते हैं और उसी रास्ते पर अब महिलाएं चल रही हैं अपने दम पर। धीरे-धीरे तस्वीर बदल रही है। जहाँ पहले समूह सिर्फ बैठकों तक सीमित थे, अब वही समूह बाजार में खड़े हैं। ग्राहकों से बात कर रहे हैं , अपने प्रोडक्ट बेच रहे हैं और हर दिन एक नया अनुभव जोड़ रहे हैं।

सरकार का अनुमान है कि रोज़ 2–3 हजार की कमाई होगी, यानी महीने में 25–30 हजार की आय लेकिन असली कमाई सिर्फ पैसे में नहीं है। असल कमाई है आत्मविश्वास की, पहचान की, अपने होने की।

मंत्री लक्ष्मी राजवाडे ने बताया कि मिलेट्स का यह ठेला सिर्फ ठेला नहीं है। यह सेहत का संदेश है। यह गांव से शहर तक जुड़ती एक कड़ी है। यह उस बदलाव की शुरुआत है, जहाँ महिलाएं सिर्फ सहयोगी नहीं,बल्कि निर्माता और संचालक बन रही हैं। और यही वह जगह है, जहाँ यह योजना अलग नजर आती है।क्योंकि यहाँ किसी को सहारा नहीं दिया गया, बल्कि खुद चलने का रास्ता दिया गया है। हर दिन के साथ यह कार्ट सिर्फ बिक्री नहीं कर रहा यह एक सोच बेच रहा है कि अगर मौका मिले, तो हर महिला अपने दम पर खड़ी हो सकती है।

यह ठेला चलता रहेगा तो सिर्फ सामान नहीं बिकेगा, सपने बिकेंगे, उम्मीदें चलेंगी, पहचान बनेगी…यह कार्ट आगे बढ़ेगा…तो सिर्फ आय नहीं बढ़ेगी, आत्मविश्वास बढ़ेगा, हौसला बढ़ेगा, रास्ता बनेगा…और जब यह रास्ता बन जाएगा…तो आंकड़े नहीं गिनेंगे, कहानियाँ गिनेंगी…क्योंकि याद रखिए मिलेट्स कार्ट तभी सफल होगा, जब हर ठेले के पीछे खड़ी महिला सिर्फ काम नहीं, अपना भविष्य चला रही होगी…










