तेलंगाना की सीमा पर बसे नक्सलियों के कोर इलाके पामेड़ तक यात्री बस सेवा की मिली सौगात

बीजापुर। जिले का घुर नक्सल प्रभावित इलाका पामेड़ में इससे पहले यहं तैनात जवानों के लिए सभी आश्यक सामग्रीयां सड़क मार्ग से नही पंहुचाई जा सकती थी, इसके लिए हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाता था। अब सड़क बनने और बस सेवा के शुरू हो जाने से ग्रामीणों का कठिन सफर खत्म हो चुका है। जवानों और ग्रामीणों के लिए अच्छी बात यह है कि, इस इलाके में मोबाइल कनेक्टिविटी का भी विस्तार हो चुका है, जससे वह अपने परिजनों से बात कर सकते हैं। बीजापुर से सुबह पामेड़ के लिए जाने वाली बस आवापल्ली, बासागुड़ा, तर्रेम, चिन्नागेल्लूर, गुंडेम कोंडापल्ली जीडपल्ली करवगट्टा और धर्माराम होते हुए पामेड़ पहुंचती है। इस बस में रोजाना बड़ी संख्या में यात्री सफर करने लगे हैं।
इन इलाकों में विकास कार्यों के विस्तार के लिए सरकार तो प्रतिबद्ध है ही लेकिन इस इलाके में हो रहे विकास का बड़ा श्रेय यहां तैनात सुरक्षाबलों के जवानों को जाता है, जो दिन-रात नक्सली इलाके में डटकर स्थानिय लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोडऩे में लगे हैं। विदित हो कि बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर बसे पामेड़ में 50 वर्ष पहले भी इलाके में सड़क थी, लेकिन वाहनों का संचालन नहीं होता था। पड़ोसी राज्य की सीमा क्षेत्र होने से नक्सलियों ने अपनी पैठ बढ़ाई और पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया, जिसके बाद दशकों तक यह इलाका नक्सलियों का कोर इलाका बना रहा, लेकिन सुरक्षा कैंप के स्थापना के बाद हालात अब बदलने लगे हैं।
बीजापुर कलेक्टर संबित मिश्रा ने बताया कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नियद नेलानार के तहत पामेंड़ जैसे संवेदनशील इलाकों में कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराया जा रहा है, और ग्रामीणों की मंशा अनुरूप विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होने बताया कि ग्रामीणों के लिए बहुत तेजी से आधार कार्ड, राशन कार्ड बनवाया जा रहा है। इसके अलावा अब गांव में ही राशन दुकानें भी संचालित की जा रही है। जवानों की सुरक्षा में सड़कों का विस्तार किया जा रहा है और लोगों को विकास कार्यों से जोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। इस इलाके के लिए सबसे बड़ी सौगात यात्री बस सेवा है। अब ग्रामीणों को तेलंगाना से होते हुए अपने गांव पामेड़ पंहुचने का लंबा सफर नही करना पड़ रहा है, अब वे बीजापुर से सीधे पामेड़ पहुंच रहे हैं।

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