लक्ष्मी राजवाड़े की पहल को प्रधानमंत्री मोदी ने सराहा, ‘मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ का हर घर मुनगा अभियान

रायपुर – कुपोषण से लड़ाई के लिए कभी-कभी बड़ी योजनाओं से ज्यादा असर घर के आंगन में लगा एक छोटा-सा पौधा दिखा सकता है। छत्तीसगढ़ में मुनगे को पोषण और जनजागरूकता से जोड़ने की ऐसी ही पहल अब राष्ट्रीय चर्चा में आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रदेश के ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किया।

मुनगे की पत्तियों से लेकर उसकी फलियों तक में पोषण के गुण हैं। राज्य सरकार इसी स्थानीय संसाधन को कुपोषण के खिलाफ लड़ाई का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में इस पहल का जिक्र होने से छत्तीसगढ़ के इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके पीछे सोच यह है कि मुनगे का पौधा केवल घरों में लगाया ही न जाए, बल्कि परिवार उसके पोषण संबंधी महत्व को समझें और उसे अपने भोजन में भी शामिल करें।

अभियान का विशेष जोर महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर है। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को भी जोड़ा गया है, जहां परिवारों को मुनगे के उपयोग और संतुलित आहार के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अभियान की खासियत यह है कि पोषण की बात को लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध मुनगे के पौधे के जरिए परिवारों को पोषण के प्रति जागरूक करना और सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना इसका उद्देश्य है।

सितंबर माह में पोषण जागरूकता पर विशेष जोर के बीच शुरू हुई यह पहल अब घर-घर तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ में इसका उल्लेख इस बात को भी रेखांकित करता है कि स्थानीय स्तर पर शुरू किए गए प्रयास राष्ट्रीय मंच पर अपनी जगह बना सकते हैं।
हर घर मुनगा अभियान का लक्ष्य साफ है पोषण को केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि हर परिवार की थाली और जीवनशैली का हिस्सा बनाना।










