तुमसर रोड पर तीसरी लाइन का सफल कमीशनिंग, नागपुर-दुर्ग रेल खंड की क्षमता और कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक वृद्धि

रायपुर/बिलासपुर/नागपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर-दुर्ग रेल खंड पर क्षमता विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में 31 जनवरी को तुमसर रोड स्टेशन यार्ड में तीसरी लाइन का सफलतापूर्वक कमीशनिंग किया गया। इस उपलब्धि से नागपुर-दुर्ग खंड पर रेल कनेक्टिविटी और अधिक सुदृढ़ होगी तथा यात्री एवं मालगाड़ी परिचालन की दक्षता में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
यह संपूर्ण कार्य निर्माण विभाग, नागपुर द्वारा निष्पादित किया गया। कमीशनिंग से पूर्व सभी आवश्यक इंजीनियरिंग, सिग्नलिंग एवं ओएचई से संबंधित कार्यों को मौजूदा रेलवे नियमों, मानकों एवं सुरक्षा निर्देशों के अनुरूप पूर्ण कर परीक्षण किया गया। इस दौरान आवश्यक सिग्नल इंटरलॉकिंग संशोधन किए गए तथा कुल 191/192 रूटों का परीक्षण किया गया, जो पूर्णत: सुरक्षित एवं क्रियाशील पाए गए।
इंजीनियरिंग, सिग्नलिंग एवं ओएचई कार्य
तीसरी लाइन के कमीशनिंग के अंतर्गत ट्रैक बिछाने, ब्लास्टिंग, टैंपिंग एवं एलाइनमेंट से संबंधित कार्य संतोषजनक रूप से पूरे किए गए। सभी पॉइंट्स एवं रूटों के लिए सिग्नलिंग इंस्टॉलेशन तथा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग का सफल परीक्षण संपन्न हुआ। ओएचई कार्यों के अंतर्गत इरेक्शन, वायरिंग, टेंशनिंग एवं ऊर्जीकरण सुरक्षित ढंग से पूर्ण किया गया तथा सभी वैधानिक निरीक्षणों एवं सुरक्षा जांचों का अनुपालन सुनिश्चित किया गया। सभी अनिवार्य परीक्षणों एवं सुरक्षा सत्यापन के पश्चात 31.01.2026 को तुमसर रोड में तीसरी लाइन को रेल संचालन के लिए खोल दिया गया। इससे यार्ड की हैंडलिंग क्षमता, परिचालन लचीलापन तथा इस खंड पर ट्रेनों की समयपालन क्षमता में वृद्धि होगी।
तुमसर रोड में प्री-एनआई कार्य 24.01.2026 से प्रारंभ किया गया था। वर्तमान में यार्ड में गुड्स शेड लाइन सहित कुल 10 लाइनें हैं। इस कार्य के दौरान 5 पॉइंट्स को शिफ्ट किया गया तथा 4 नए पॉइंट्स बिछाए गए। मौजूदा बे-लाइन को 80 मीटर तक विस्तारित किया गया तथा तुमसर-तिरोड़ी लाइन को नए एलाइनमेंट में शिफ्ट किया गया। इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने हेतु 400 से अधिक अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संविदा श्रमिकों ने निरंतर और समन्वित प्रयास किए। तुमसर रोड में तीसरी लाइन के कमीशनिंग के साथ ही कलमना से दुर्ग के बीच तीसरी लाइन का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। केवल दरेकसा-सालेकसा (लगभग 10 किमी) खंड में कार्य प्रगति पर है।साथ ही शंटिंग नेक की लंबाई बढ़ाई गई है, जिससे एक बार में ही पूरे रेक की शंटिंग संभव हो सकेगी और गुड्स शेड की गतिशीलता में सुधार होगा।
बे-लाइन एवं स्टेबलिंग लाइन कार्य
बे-लाइन एवं स्टेबलिंग लाइन की क्षमता बढ़ाने हेतु तीन पॉइंट्स को शिफ्ट किया गया, जिससे सीएएल/सीएसएल में वृद्धि हुई और यार्ड की परिचालन क्षमता में सुधार हुआ।
तुमसर यार्ड में तीसरी लाइन की निरंतरता
तुमसर-तिरोड़ी लाइन के एलाइनमेंट में संशोधन कर तीसरी लाइन को यार्ड से जोड़ा गया। इस दौरान एक माइनर ब्रिज, 3 नए पॉइंट्स तथा लगभग 960 मीटर नया ट्रैक बिछाया गया। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में आवश्यक संशोधन किए गए तथा ओएचई में आवश्यक परिवर्तन पूर्ण किए गए। इससे नागपुर मंडल एवं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में परिचालन गतिशीलता एवं समयपालन में सुधार होगा।
माल लदान क्षमता बढ़ाने हेतु गुड्स शेड की दोनों लाइनों को पूर्ण रेक समायोजित करने योग्य बनाया गया। एनआई अवधि में 2 पॉइंट्स एवं क्रॉसिंग शिफ्ट किए गए तथा लगभग 400 मीटर नया ट्रैक बिछाया गया। गुड्स शेड के लिए पूर्ण रेक शंटिंग को संभव बनाने हेतु शंटिंग नेक का विस्तार किया गया, जिससे यार्ड के भीतर तेज और सुचारु शंटिंग सुनिश्चित होगी।
इस कार्य को सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने में निर्माण विभाग की ओर से श्री आर.के. सिंह (मुख्य परियोजना प्रबंधक, नागपुर), नीलेश कुमार (उप मुख्य अभियंता), चंचल प्रियदर्शी (उप मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता), अंकित सिंह (उप मुख्य विद्युत अभियंता) एवं उनकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मंडल स्तर पर श्री डी.के. गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, एसईसीआर नागपुर, श्री राजेश चिखले, अपर मंडल रेल प्रबंधक, तथा संबंधित शाखा अधिकारियों द्वारा पूरे कार्य की सतत निगरानी एवं समन्वय किया गया।

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