बस्तर ओलम्पिक में खिलाड़ी का पैर टूटने पर सीईओ ने स्वयं अपनी वाहन से भिजवाया मेकॉज

जगदलपुर। बस्तर ओलम्पिक में खिलाड़ी का पैर टूटने के संबंध में शनिवार को छपी खबर जिसमें खिलाड़ी का पैर टूटने पर वह परिवार को कॉल कर कहा-ले जाओ खबर पूरी तरह निराधार और तथ्यों से परे है। इस सम्बन्ध में वस्तुस्थिति से अवगत करवाते हुए एसडीएम तोकापाल शंकर लाल सिन्हा ने बताया कि मोरठपाल में आयोजित ब्लॉक स्तरीय बस्तर ओलम्पिक के दौरान शुक्रवार को चोटिल हुई तेलीमारेंगा निवासी 25 वर्षीया खिलाड़ी ललिता मौर्य को सीईओ जनपद पंचायत द्वारा स्वयं के वाहन से पंचायत सचिव तेलीमारेंगा उमेश मौर्य के साथ मेडिकल कॉलेज अस्पताल डिमरापाल भिजवाया गया। घटना की सूचना देने के कारण मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बच्ची के पिता श्री बासुदेव मौर्य एवं माता सोनमणी पहले से ही मौजूद थे। यहां पर लड़की का एक्सरे करवाया गया, इस दौरान चिकित्सक द्वारा उपचार के लिए लड़की को अस्पताल में एडमिट करवाने की समझाइश दी गई।लेकिन लड़की के माता-पिता ने लड़की को निजी अस्पताल में ईलाज करवाएंगे बोलकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल डिमरापाल से स्वयं लेकर गए। इस दौरान पंचायत सचिव तेलीमारेंगा उमेश मौर्य भी साथ में थे।
सीईओ जनपद पंचायत नीलू तिर्की ने शनिवार को सुबह बताया कि लड़की को शुक्रवार रात्रि में एमपीएम अस्पताल में उपचार करवाने की जानकारी पंचायत सचिव तेलीमारेंगा उमेश मौर्य द्वारा देने पर शनिवार को पंचायत सचिव मटकोट मोहन ठाकुर और पंचायत सचिव तेलीमारेंगा उमेश मौर्य को भेजकर ब्लड की जरूरत पडऩे पर स्वयं पंचायत सचिव मटकोट मोहन ठाकुर और संकुल समन्वयक रानसरगीपाल वीरेन्द्र मौर्य द्वारा ब्लड डोनेट किया गया। उन्होंने बताया कि चोटिल लड़की के ईलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हुई है और बच्ची के माता-पिता के सहयोग के लिए विभागीय अमला अस्पताल में मौजूद है। इस दौरान पंचायत सचिव मटकोट मोहन ठाकुर और पंचायत सचिव तेलीमारेंगा उमेश मौर्य से भी चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि एमपीएम अस्पताल में उपचार के लिए आयुष्मान कार्ड का लाभ दिया जा रहा है, और वर्तमान में वे दोनों और शिक्षा विभाग के संकुल समन्वयक रानसरगीपाल वीरेन्द्र मौर्य अस्पताल में मौजूद रहकर लड़की के माता-पिता का आवश्यक सहयोग कर रहे हैं।










