बोटेटोंग के जंगल-पहाड़ी इलाकों में छिपाए गए नक्सलियों के हथियार डंप बरामद

सुकमा। जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुख्ता खुफिया जानकारी के आधार पर सूचना मिलते ही सीआरपीएफ की 131 वीं वाहिनी के सहायक कमांडेंट आनंद कुमार त्रिपाठी और सहायक कमांडेंट मुकुंद सिंह के नेतृत्व में आज गुरूवार को बोटेटोंग गांव और उसके आस-पास सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना हुए। फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस मेटागुडेम-इरापल्ली से लगभग 5 किलोमीटर दूर घने जंगलों में नक्सलियों के छिपे हुए उस ठिकाने को ढूंढ निकाला, जिसे नक्सलियों ने बड़ी चालाकी से ओझल कर रखा था । बोटेटोंग गांव के पास के घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में छिपाए गए नक्सलियों के हथियार डंप बरामद कर नक्सलियों के नापाक इरादों को विफल कर दिया है।
नक्सलियों के इस डंप की तलाशी लेने पर सुरक्षाबलों को बड़ी मात्रा में घातक सामग्री और दैनिक उपयोग का सामान मिला। बरामद सामानों में दो देसी सिंगल शॉट राइफल, लगभग ढाई किलो मॉडिफाइड अमोनियम नाइट्रेट, आईईडी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सामग्री, स्विच, चार्जिंग सॉकेट, पेंसिल सेल और लोहे के हुक शामिल हैं. इसके अलावा मौके से नक्सलियों का टेंट, तिरपाल, दवाइयां, हैंड सैनिटाइजर, थर्मामीटर, चमड़े की बेल्ट और नक्सली साहित्य भी बरामद किया गया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक और आईईडी का एकत्र होना इस बात का संकेत है, कि नक्सली किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।नक्सली अक्सर इन घने जंगलों का सहारा लेकर हथियार और विस्फोटक डंप कर देते हैं। ताकि जरूरत पडऩे पर उनका इस्तेमाल किया जा सके। हालांकि, हाल के वर्षों में सुरक्षाबलों द्वारा नए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस कैंप स्थापित करने और गश्त तेज करने से नक्सलियों का दायरा काफी सीमित हो गया है।

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