पालनार में ग्रामीणों ने अवैध धर्मांतरण के खिलाफ व अपनी मूल परंपरा को बचाने का लिया संकल्प

दंतेवाड़ा। जिले के ग्राम पंचायत पालनार में बढ़ते अवैध धर्मांतरण के मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए शनिवार को एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में समाज के वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया और अपनी पुरातन संस्कृति व परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प लिया। जनपद अध्यक्ष सुकालू मुड़ामी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर में अवैध धर्मांतरण एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। वे निरंतर अपने क्षेत्र में लोगों को इसके खिलाफ जागरूक कर रहे हैं।
अपने संबोधन में श्री मुड़ामी ने कहा कि हमारे आदिवासी समाज की पहचान हमारी आदिकाल से चली आ रही मूल परंपराएं हैं। यह चिंता का विषय है, कि लोग अपनी जड़ों को छोड़कर धर्म परिवर्तन कर रहे हैं। हमें अपने भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों को लगातार जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि वे अपनी मूल परंपरा से दूर न हों और अपनी संस्कृति को बचा सकें। बैठक में उपस्थित उदय सिन्हा ने धर्मांतरण के दूरगामी दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि कैसे धर्म परिवर्तन से सामाजिक विघटन होता है, और आने वाली पीढिय़ां अपने इतिहास से कट जाती हैं। उन्होंने बहकावे, झांसे और लालच से बचने की अपील की। इस विशेष बैठक में ग्राम पालनार के वरिष्ठ नागरिकों से लेकर बच्चों तक ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
बैठक के समापन पर समस्त ग्रामवासियों से पुरजोर अपील की गई कि वे किसी भी बाहरी व्यक्ति के बहकावे या किसी भी प्रकार के प्रलोभन, लालच में न आएं। समाज ने एक स्वर में निर्णय लिया कि वे अपनी मूल परंपरा को नहीं छोड़ेंगे और एकजुट होकर धर्मांतरण का विरोध करेंगे। बैठक के अंत में धर्मांतरण के विरोध में तथा अपनी मूल परंपरा को बचाने का एक सामूहिक संकल्प भी लिया गया।

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