नारायणपुर कलेक्टर ने पुनर्वास केन्द्र में आत्मसमर्पित नक्सलियों को स्वयं अक्षर ज्ञान का पढ़ाया पाठ

नारायणपुर। जिले के कलेक्टर नम्रता जैन द्वारा पुनर्वास केन्द्र में आत्मसमर्पित नक्सलियों को स्वयं अक्षर ज्ञान का पाठ पढ़ाया। यह क्षण केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं था, बल्कि संवेदनशील नेतृत्व और मानवीय दृष्टिकोण का सशक्त उदाहरण था। कलेक्टर जैन ने अपने जीवन के संघर्ष, निरंतर प्रयास, लक्ष्य निर्धारण और उपलब्धियों के अनुभव साझा करते हुए युवाओं को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो अतीत की गलतियों को भविष्य की उपलब्धियों में बदल सकती है।
कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार शिक्षा विभाग द्वारा पुनर्वास केन्द्र में अक्षरज्ञान की कक्षाएं निरंतर संचालित की जा रही हैं, जहां अनुभवी शिक्षकों द्वारा धैर्य, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ युवाओं को शिक्षा प्रदान की जा रही है। इन कक्षाओं का उद्देश्य युवाओं को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन की ओर अग्रसर करना है। इस परिवर्तन यात्रा में पुनर्वास केन्द्र के नोडल अधिकारी डॉ. सुमित गर्ग (डिप्टी कलेक्टर सह एसडीएम, ओरछा) द्वारा भी युवाओं को शिक्षा के साथ-साथ जीवन के उद्देश्य, सकारात्मक सोच, अनुशासन और लक्ष्य प्राप्ति का मंत्र निरंतर दिया जा रहा है। साथ ही, जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज नारायणपुर में संचालित पुनर्वास केन्द्र के प्रभारी अधिकारी मानकलाल अहिरवार (जिला रोजगार अधिकारी सह सहायक परियोजना अधिकारी) द्वारा भी युवाओं को नियमित रूप से अक्षरज्ञान प्रदान कर मार्गदर्शन किया जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *