बस्तर को फाइलेरिया (हाथी पांव) मुक्त बनाने 10 फरवरी से शुरू होगा अभियान

जगदलपुर। बस्तर जिले को फाइलेरिया (हाथी पांव) जैसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह मुक्त करने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप जिले में आगामी 10 फरवरी से सामूहिक दवा सेवन का एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बस्तर कलेक्टर हरिस एस की अध्यक्षता में मंगलवार 13 जनवरी को जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई।
जिले में फाइलेरिया उन्मूलन का यह विशेष अभियान 10 फरवरी से शुरू होकर 25 फरवरी 2026 तक चलेगा । जिसके तहत जिले के तीन विकासखंडों तोकापाल, बस्तर और बकावंड को विशेष रूप से केंद्र में रखा गया है। बैठक में अवगत कराया गया कि इस दौरान फाइलेरिया से बचाव की दवा व्यापक स्तर पर खिलाई जाएगी, लेकिन सुरक्षा के मानकों का पालन करते हुए दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी। इनके अलावा शेष सभी नागरिकों को स्वास्थ्य विभाग के कार्यकर्ताओं की प्रत्यक्ष निगरानी में दवा का सेवन कराया जाएगा।
इस अभियान को केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी तक सीमित न रखकर इसे एक जन-आंदोलन का रूप देने की योजना बनाई गई है और स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा विभाग के मैदानी अमले के समन्वय और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से व्यापक स्तर पर पहल की जाएगी। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, सहायक कलेक्टर विपिन दुबे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ संजय बसाक, महारानी अस्पताल के सिविल सर्जन डाॅ संजय प्रसाद सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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