दंतेश्वरी हर्बल समूह पर सरकारी जमीन कब्जा करने का ग्रामीणाें ने लगयाा आरोप

काेंड़ागांव । जिले की जूनावाही पंचायत ने ग्राम सभा ने आरोप लगाया है, कि दंतेश्वरी हर्बल समूह के नाम पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर खेती की जा रही है। समूह की अध्यक्ष दशमती नेताम हैं, लेकिन संचालक के रूप में राजाराम त्रिपाठी को जाना जाता है। राजाराम भले ही स्वयं को आज केवल इस समूह का साधारण कृषक बता रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय से लेकर अन्य पुरस्कार ग्रहण करते वक्त उन्होंने इसके संचालक के तौर पर खुद को प्रस्तुत किया। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि अगर अतिक्रमण पाया गया है, तो इसे हटाने की कार्रवाई की जाए। काेंड़ागांवएसडीएम गगन शर्मा ने कहा कि जांच प्रतिवेदन का अध्ययन करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जमीन पर अतिक्रमण के मामले ने तूल तब पकड़ा, जब जूनावाही की आदिवासी युवती कमला नेताम ने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाए। वीडियो के प्रसारित होने के बाद पंचायत और गांव के युवाओं ने अवैध कब्जे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्व विभाग ने जांच शुरू की, लेकिन राजस्व निरीक्षक (आरआइ) की रिपोर्ट ने स्थिति को नया मोड़ दिया। रिपोर्ट में कहा गया कि 10 एकड़ सरकारी भूमि पर राजाराम त्रिपाठी का कोई प्रत्यक्ष कब्जा नहीं है । रिपोर्ट के अनुसार, शासकीय भूमि पर कब्जा ग्राम भानपुरी निवासी महेश गोंड का पाया गया है, जबकि राजाराम की जमीन से लगी दूसरी 10 एकड़ भूमि पर दशमती नेताम का कब्जा बताया गया है। ग्राम सभा ने आरआइ की रिपोर्ट को खारिज करते हुए 31 दिसंबर 2025 को प्रस्ताव पारित किया कि राजाराम त्रिपाठी सरकारी भूमि पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि राजाराम ने आदिवासी महिला को आगे कर नीलगिरी का प्लांटेशन कराया, जिससे जलस्तर प्रभावित हुआ है। इधर राजाराम त्रिपाठी ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने एक इंच सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं किया है, मैं मां दंतेश्वरी हर्बल समूह से जुड़ा साधारण किसान हूं।

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