जादू का मतलब है स्वस्थ मनोरंजन और अंधविश्वास को दूर करना – जादूगर ओपी शर्मा

** जादूई कला विज्ञान और तकनीकी पर आधारित है
** यदि जादू को चमत्कार माना तो जरूर ठगे जायेंगे
रायपुर। जादूगर ओपी शर्मा (जूनियर) ने शनिवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि जादू एक पूर्णरुप से मनोरंजन की कला है, कभी भी आप इसे कोई दैविक शक्ति, सिद्धी या चमत्मकार के रुप में ना लें, क्योंकि जब भी आप इसे चमत्कार मानेंगे तो कहीं ना कहीं आप जरुर ठगे जाएंगे। उनके शो का उद्देश्य हमेशा यह रहता है कि लोगों का वे स्वस्थ मनोरंजन करें और समाज में फैले अंधविश्वास को दूर करना। अंधविश्वास की बात करें तो रूरल एरिया में ज्यादा देखने को मिलता है। उन्होने मीडिया व शासन प्रशासन से अनुरोध किया कि जादू को शिक्षा के साथ जोड़ा जाए। इसकी शुरुआत प्रायमरी से हो जाए और डिप्लोमा कोर्स तक इसका संचालन आगे किया जाना चाहिए। केरल में इसकी शुरुआत हो चुकी है।

जादू का मतलब है स्वस्थ मनोरंजन और अंधविश्वास को दूर करना - जादूगर ओपी शर्मा इस बार वे अपने जादू के खेल में ड्रिल ऑफ डेथ लेकर आए है जो आपरेशन सिंदूर पर आधारित है और इससे वे शहीद हुए लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर रहे है। इसके अलावा तिलशमी चेहरा जो बच्चों के लिए एक मार्गदर्शन का केंद्र साबित होगा जहां पलक झपकते ही चेहरा बदल जाएगा। इसके साथ ही उनकी टीम के द्वारा कुछ नया शो भी दर्शकों को देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह कला तीन साल की उम्र से ही सीख लिया था और बड़े होने पर उनके पिता ने उन्हें और बारिकी से इस कला को सीखने में मदद की। अभी तक 42 हजार से अधिक कमर्शियल शो कर चुके है।
उनका मानना है कि यह जादूई कला विज्ञान और तकनीकी पर आधारित है, जादू में भी नई नई टेक्नोलॉजी का यूटिलाइजेशन हो रहा है और जादू का विकास भी उसी तरह से हो रहा है। जादू के क्षेत्र में जो आना चाहते है उनके लिए यह बहुत अच्छा है और जादू में बहुत सारे सेगमेंट है। जब आप जादू के बारे में जान जाएंगे तो अंधविश्वास का नंबर ही नहीं आएगा। मनोवैज्ञानिक प्रभाव के लिए वे कुछ देर के लिए लोगों की नजरों को नजर बंद कर देते है जिससे वे अपनी जादू की कला को प्रस्तुत कर सकें।
एक सवाल के जवाब में ओपी शर्मा ने कहा कि आज कल बच्चे दिन भर मोबाइल में व्यस्त रहते है और उनके माता-पिता भी इनसे परेशान रहते है। पहले बच्चे परिजनों को शो दिखाने के लिए परेशान करते थे कि हमें जादू देखना है, लेकिन अब माता-पिता परेशान रहते है कि बच्चों को लेकर वे जादू दिखाने कैसे लेकर जाएं और दोनों ही माध्यम से बच्चें उनका शो देखने आ तो रहे है। इसलिए उन्होंने बच्चों से लेकर बुजुर्ग के लिए कुछ ऐसा मनोरंजन जोड़ा है कि वे 7200 सेकेड्स थ्रिल पैक मनोरंजन देख सकें। इसके लिए 100 लोगों की टीम है जो कम्प्यूटराइज्ड हिप्रोटिक लाइट, अल्ट्रा डिजिटल साउंड एवं अन्य तकनीकी पहलुओं के साथ शो को सफल बनाने में जुटे रहते है। प्रेस क्लब के रुबरु कार्यक्रम में आज जादूगर ओपी शर्मा शामिल थे.प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने उन्हे स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।

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