विधानसभा परिसर में हंगामा, सचिव के करीबी कर्मचारी पर महिला सुरक्षाकर्मी से अभद्रता का आरोप

विधानसभा परिसर में हंगामा, सचिव के करीबी कर्मचारी पर महिला सुरक्षाकर्मी से अभद्रता का आरोप –

रायपुर : – छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आज उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब विधानसभा सचिवालय से जुड़े एक कर्मचारी पर महिला सुरक्षाकर्मी के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा। बताया जा रहा है कि घटना विधानसभा सत्र के दौरान वीआईपी कक्ष के पास हुई, जहां सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी रहती है।

मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा सचिव दिनेश शर्मा के करीबी बताए जाने वाले कर्मचारी कृष्णा पांडेय, जो विधानसभा में सहायक पद पर पदस्थ हैं, उन्होंने पहले महिला सुरक्षाकर्मियों के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किसी बात को लेकर महिला सुरक्षाकर्मी और पांडेय के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई।

बताया जाता है कि जब महिला सुरक्षाकर्मी ने इस व्यवहार की शिकायत अधिकारियों से करने की बात कही, तो संबंधित कर्मचारी ने तेज आवाज में उनसे बहस की और अपनी पहुँच का हवाला देते हुए कथित रूप से दबाव बनाने की कोशिश की।

सूत्रों के अनुसार घटना की शिकायत विधानसभा में पदस्थ सुरक्षा की जिम्मेदारी देखने वाले ज्ञानेंद्र उपाध्याय तक भी पहुंचाई गई। बताया जाता है कि इसके बाद भी विवाद थमा नहीं और संबंधित कर्मचारी ने उनसे भी अभद्रता की। स्थिति इतनी बढ़ गई कि मामला कथित तौर पर हाथापाई तक पहुंच गया।

बताया जाता है कि संबंधित कर्मचारी सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों के काफी करीबी माने जाते हैं और उनके व्यवहार को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आती रही हैं।

इस पूरे घटनाक्रम ने विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस स्थान पर यह विवाद हुआ, वह वीआईपी कक्ष के पास का इलाका बताया जा रहा है, जहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम रहते हैं।

सूत्रों तो यह भी बताते है कि जिस जगह पर विधानसभा अध्यक्ष का चेम्बर है ठीक उसके नीचे रसोइया संचालित होती है जहाँ सिलेंडर का उपयोग होता है। जहाँ एक साथ कई सिलेंडर जलाए जाते हैं।

सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जहां वीआईपी मूवमेंट रहता हो और जहां विधानसभा अध्यक्ष का चेंबर स्थित हो, उस क्षेत्र में इस तरह रसोई संचालन और सिलेंडरों का उपयोग सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।

यह भी बताया जा रहा है कि उस स्थान पर वाहनों की पार्किंग भी नहीं होती, क्योंकि नियमतः उस क्षेत्र को सुरक्षा दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है।

गौरतलब है कि विधानसभा के अध्यक्ष हाल ही में एक ऑपरेशन के बाद स्वस्थ होकर लौटे हैं और ऐसे समय में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है।

फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर आधिकारिक स्तर पर क्या कार्रवाई होगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। देखना होगा इतने गंभीर मसले पर विधानसभा प्रशासन क्या कदम उठाता है।

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