सर्व आदिवासी समाज के बस्तर बंद का असर दिखा, शहरों में सभी दुकानें बंद रही

जगदलपुर। सर्व आदिवासी समाज ने रायपुर सेंट्रल जेल में कांकेर जिले के कांग्रेस नेता जीवन ठाकुर की संदिग्ध मौत के बाद दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बुधवार को बस्तर बंद का ऐलान किया था, जिसका असर सुबह से ही पूरे बस्तर संभाग में देखने को मिला। शहरों में सभी दुकानें बंद रही। जगदलपुर, सुकमा, कांकेर, भानुप्रतापपुर में सर्व आदिवासी समाज के आह्वान का असर दिखा। जगदलपुर में सर्व आदिवासी समाज ने नगर बंद कराने के लिए बाइक रैली निकाली।
बस्तर बंद का कांग्रेस ने समर्थन करते हुए प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, कांकेर में जीवन ठाकुर की प्रताडऩा से बेवजह मौत हुई। समय पर उनका इलाज नहीं हुआ। जानबूझ कर जेल प्रशासन और प्रशासन ने उनकी राजनीतिक हत्या की गई है। आदिवासी समाज ने बस्तर के सातों जिलों में बंद का आव्हान किया था। हमने बस्तर बंद का समर्थन किया। बैज ने कहा कि पीडि़त परिवार से मैंने मुलाकात की। फर्जी एफआईआर कर ठाकुर को जेल भेजा गया था। इसके चलते परिवार और आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है। दोषी तहसीलदार और पुलिस वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
विदित हो कि कांग्रेस नेता और चारामा के पूर्व जनपद अध्यक्ष जीवन ठाकुर को वन अधिकार पट्टा घोटाले के मामले में 12 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार कर कांकेर जेल में रखा गया था। उन्हें 2 दिसंबर को रायपुर सेंट्रल जेल शिफ्ट किया गया था। जेल प्रशासन के अनुसार, इसी बीच उनकी तबीयत खराब होने से तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 4 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। वहीं अब मामले में परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्हें कोई बीमारी नहीं थी। सही समय पर इलाज होता तो उनकी जान बच जाती। वहीं अब इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रायपुर ने जांच का आदेश जारी किया था।

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