अफ़सर-ए-आ’ला (हर रविवार को सुशांत की कलम से)
(हर रविवार को सुशांत की कलम से)

अफ़सर-ए-आ’ला
(हर रविवार को सुशांत की कलम से)
लाल बत्ती के लिए भारी भरकम चढ़ोत्तरी- निगम-मंडलों में नियुक्ति को लेकर सरगर्मी तेज है । लाल बत्ती के लिए लिस्ट दिल्ली में फाइनल होना है। चर्चा है कि जितनी भारी थैली उतना मलाईदार निगम। पहले आओ चढ़ोत्तरी चढ़ाओ पद पाओ। हालांकि लिस्ट अभी जारी नही हुई है लेकिन पांच साल सड़कों पर संघर्ष करने और लाठी खाने वाले कार्यकर्ता वर्तमान स्थिति में खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे है । बताया जा रहा है कि लिस्ट जो तैयार हुई है उसमे पहले पद में रह चुके , चुनाव हारे हुए है या आपराधिक रिकार्ड वाले लोग के खोखे लेकर पद पाने में सफल दिख रहे हैं । जबकि यह भाजपा की आंतरिक राष्ट्रीय नीति के खिलाफ है मगर जहाँ से लक्ष्मी जी बरसेंगी विष्णु जी वहीं विराजमान होंगे ।
नेताजी की बत्ती गुल –
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता को कांग्रेस राज में पोषित एएसपी की वकालत भारी पड़ गई । दरअसल कांग्रेस शासन में एक एएसपी तात्कालिन मुख्यमन्त्री के मुनीम के नाम से जाना जाता था। सत्ता पलटी तो सबसे पहले इस मुनीम को बस्तर रवाना किया गया। यह बात भाजपा के स्लीपर सेल नेताओ को नागवार गुजरी और उन्होंने पहले जी तोड़ मेहनत करके एक मौखिक आदेश जारी कराकर राजधानी में उस मुनीम का ठीहा बनवाया । फिर नेता जी हाउस से लेकर पार्टी कार्यालय का चक्कर काटे इस दौरान संगठन के मुखिया के पास भी इस मुनीम को ले जाया गया संगठन मुखिया ने भी नेताजी की जमकर क्लास लगाई , लेकिन नेताजी ठहरे ढीठ उन्होंने दिल्ली का सोर्स ढूंढना शुरू किया सोर्स भी मिला और मुनीम का रास्ता आसान होने ही वाला था कि सीबीआई ने उसके ठिकाने में रेड मार दी और नेताजी के सारे अरमानों पर पानी फिर गया । अब नेताजी मुनीम को बचाने के चक्कर मे खुद की ही “काम” लगा बैठे । इसी के साथ मुनीम तो नपा ही गए नेताजी की बत्ती भी अब गुल हो गई ।
हरकत ही थपड़ियाने वाली है –
सीबीआई ने जब रायपुर जेल में बंद सट्टा आरोपियों से पूछताछ करने पहुँची और एसीबी, ईओडब्लू की चार्जसीट के आधार पर सवाल जवाब किये तो कई चौकाने वाले खुलासे हुए । आरोपियों ने सीबीआई को बताया कि 2021 से 2023 तक ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए कई आईपीएस अधिकारियों को भरपूर पैसे दिए गए है । इतना ही नहीं यह रकम तत्कालीन मुखिया के निवास तक भी पहुँचती थी । सीबीआई ने जिन आईपीएस अधिकारियों और नेताओं पर रेड की उन अधिकारियों और राजनेताओं के नाम ईओडब्लू की चार्जशीट में है ही नहीं । सवाल यह कि चार्जसीट में इन सफेदपोश लोगो का नाम किसके कहने में गायब हुआ क्या कोई बड़ी डील हुई ? बताते है कि सेजबहार इलाके में गुलशन वाटिका के एक आलीशान घर में एक बड़ी बैठक हुई जिसमें पुराने मुखिया और ईओडब्लू के साहेबान शामिल हुए। डील हुई बड़ी मछलियों को छोड़ा जाए साहेब मान गए । सब ठीक चल ही रहा था कि सीबीआई की एंट्री हो गई और इन साहेब को जोरदार थप्पड़ लगा । साहेब को पहले भी एक हवालाती ने थपड़िया दिया था अब हरकत ऐसी करेंगे तो थपड़ियाना स्वाभाविक है ।
एक आईपीएस और थपड़ियाये गए –
सीबीआई की जांच चल ही रही थी एक आईपीएस के घर के बाहर तक चिल्लम चिल्ली सुनाई दे रही थी। अब साहेब आईपीएस ठहरे उन पर पहली बार रेड हुई तो साहेब लगे सीबीआई को आईपीएस का रौब दिखाने। पहले तो समझाइस दी गई कि कोआपरेट कीजिये लेकिन साहेब कहा मानने वाले थे सूत्र बताते है कि जांच टीम ने इस आईपीएस का भुत उतारने के लिए कसकर चार तमाचे लगाए तब साहेब होश में आये की रेड की कार्यवाही चल रही है । बताते है कि इन्हें साहेबान के घर से लगभग 70 लाख रूपये भी नगद बरामद किया गया है , हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
मंत्री जी जरा हल्के गाड़ी हांको –
एक मंत्री जी है पढ़े लिखे विद्वान है पहली बार चुनाव जीतकर आये है । दिल्ली के बड़े नेताजी की कृपा से उन्हें भारी भरकम विभाग भी सौप दिया गया है। अब मंत्री जी हल्के गाड़ी हांकना छोड़ रफ्तार चाहते है , रफ्तार इतनी की मुखिया की कुर्सी तक कितनी जल्दी पहुंच जाएं । इसके लिए मंत्री जी कड़ी मेहनत कर रहे है। उन्होंने अपना चेहरा चमकाने के लिए एक अलग ही टीम बना ली है। उस टीम में उनके ही सहपाठी है जो रात को बंगले में आकर माननीय को बड़े-बड़े ख्वाब दिखाते है और बताते है कि आप यह नहीं वो डिजर्व करते है , माननीय भी इन चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर नए ख्वाब बुनने लगे है । माननीय आप लंबी रेस के घोड़े है थोडा पेशेंस तो रखिये वह सब मिलेगा जिसकी आपको चाहत है मगर जिस रास्ते से होकर आप गुजर रहे है वह रास्ता अंधकार की ओर जाता है । जो सफलता मिली है उसे पचाइये और युवाओं को सुनहरा भविष्य दीजिए अन्यथा इस रफ्तार के चक्कर में कही हपट मत जाइयेगा , यह रात को बैठने वाले लोगो का भरोसा मत कीजिये यह उगते सूरज को ही सलाम करते है।
यक्ष प्रश्न
1 – एसीएस स्तर के उस अधिकारी का नाम बताइए जिसका नाम मोक्षित घोटाले में सामने आ रहा है ?
2 – हाउस में बैठा वो कौन सा आईपीएस अफसर है जिसकी महादेव घोटाले के आरोपी शेख से दिन में 20 बार बात होती थी ? सूत्र – सीबीआई










