पूर्ववर्ती सरकार के समय से मंत्रालय में बैठे अपर सचिव की भर्राशाही जमकर चल रहा वसूली का खेल ,

पूर्ववर्ती सरकार के समय से मंत्रालय में बैठे अपर सचिव की भर्राशाही जमकर चल रहा वसूली का खेल ,

रायपुर :- सूबे में सत्ता सरकार तो बदल गई मगर भीतरखाने आज भी वही के वही है जिसका खामियाजा वर्तमान भाजपा सरकार को उठाना पड़ रहा है वर्तमान सरकार इनकी करतूतों से अचंभित तो है मगर बदलाव का संकेत कही नजर नही आता है . सरकार के रेवन्यू का सबसे बड़ा विभाग जहाँ जमकर भर्राशाही और उगाही का खेल चल रहा है

मामला सूबे की राजधानी रायपुर का है जहाँ मंत्रालय में पदस्थ सचिव के नीचे बैठे हुए अपर सचिव खुलेआम वसूली के खेल में लिप्त है चूंकि सचिव के नीचे के अधिकारियों पर ज्यादातर न शासन ध्यान देता है न प्रशासन इसी का फायदा उठाते हुए अपर सचिव इस काले खेल में संलिप्त होकर उगाही के कारनामो को अंजाम दे रहे है .  इस खेल की चर्चा अब भीतरखाने से अब बाजारों तक का चर्चा का विषय बनी हुई है .

बताते है कि उक्त अपर सचिव ने पूर्ववर्ती सरकार में भी जमकर वसूली की . चर्चा तो यह भी है कि उक्त सचिव का सेटिंग सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक थी जो तत्कालीन सरकार में सुपर सीएम और सबसे पॉवरफुल महिला सौम्या चौरसिया के भी बेहद करीब रहे है अब सैया भये कोतवाल तो डर काहे का जो डर तब गायब हुआ वह आज भी कायम है तब तो सरकार बदलने के बाद भी यह महाशय खुलेआम उगाही कर रहे है . अब तो यह सचिवों के नाम की आड़ में वसूली कर रहे है

सूत्र बताते है कि उक्त अपर सचिव ने इस उगाही वसूली के खेल में करोड़ो की संपत्ति भी बना डाली है इस काली कमाई से इस अधिकारी ने चार बड़े बड़े मकान भी बनाकर रेंट में चढ़ा दिया है जिसका किराया ही इस महाशय को 6 अंकों में आता है इतना ही नही सचिव के साथ मिलीभगत कर अपने ही अफसरो के खिलाफ पहले शिकायत करवाई जाती है फिर जांच करवाने के नाम पर अवैध वसूली का खेल खेला जाता है जो लंबे समय से अनवरत जारी है . मामले की शिकायत बाजारों से अब सूबे के मुखिया तक पहुँच चुकी है सूत्र बताते है इस अपर सचिव के कारनामो को सुनकर मुखिया के भी दांतो तले उंगलियां दब गई मुखिया ने इनकी करतूतों को देखकर शख्त लहजे में जांच की बात कही है इस विभाग में एक युवा मंत्री है जिनके विभाग की फेहरिश्त अब केंद्र तक पहुँचने लगी है अपर सचिव की मनमानी से विभाग के कनिष्ठ और उच्चाधिकारी भी त्राहिमाम कर चुके है चूंकि इनके द्वारा विभाग में पदस्थ लोगों की पुरानी पुरानी फाइले खोलवाई जा रही है जिसकी आड़ में जमकर वसूली की जा रही है

उल्लेखनीय है कि यह अधिकारी काली कमाई में इस कदर लिप्त है कि इसे न तो सरकार का डर है न ही प्रशासन का तब तो यह खुलेआम इस कदर लूट मचाने में लगा हुआ है जबकि पूरे देश मे अचार सहिंता लगी हुई है और लोकसभा चुनाव है ऐसे में इस अधिकारी की करतूतों का नुकसान वर्तमान सरकार को भी उठाना पड़ सकता है लिहाजा सूबे के मुखिया और युवा मंत्री को चाहिए कि ऐसे बेलगाम और भ्रष्टाचारी अफसर को तत्काल प्रभाव से इनके पद से पृथक कर इनकी जांच कराए जाने की आवश्कयता है ताकि भ्रष्ट काली कमाई में लिप्त इस अपर सचिव पर नकेल कसी जा सके .

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