डीएमएफ घोटाला मामले में ला विस्टा सोसायटी के सतपाल 25 तक रहेंगे ईओडब्ल्यू के रिमांड पर

रायपुर । जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) में अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार से संबंधित चल रही जांच में गुरुवार को ला विस्टा सोसायटी निवासी सतपाल छाबड़ा को ईओडब्ल्यू ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से न्यायाधीश महोदय ने 25 फरवरी तक ईओडब्ल्यू को रिमांड पर सौंप दिया है।
इस घोटाले की जांच फरवरी 2024 से चल रही है। विवेचना में प्राप्त साक्ष्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर यह पाया गया कि डीएमएफ फंड से संचालित कृषि अनुदान के कार्यों में नियमों का उल्लंघन करते हुए वित्तीय अनियमितताएं की गई और जांच में यह भी सामने आया है कि छाबड़ा ने सिंडिकेट के साथ मिलकर, आपराधिक षड्यंत्र कर कृषि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं निर्धारित प्रक्रिया की अनदेखी की। इस सिंडिकेट में शासकीय अधिकारी, कर्मचारी, व्यापारी आदि थे।
ब्यूरो सूत्रों ने बताया कि सतपाल एक होटल संचालक का बिजनेस पार्टनर है। आरोपी ने कई करोड़ की अवैध कमीशन को नगद एवं अपने नातेदारों के बैंक खातों में प्राप्त किया। जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन, डिजिटल साक्ष्य तथा संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच की गई, जिसमें छाबड़ा की संलिप्तता के पर्याप्त प्रमाण प्राप्त हुए। इसी आधार पर उसे धारा-7, एवं 12, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संगोधित अधिनियम 2018 एवं 420, 120बी, 467, 468, 471 भा.द.वि. के तहत गिरफ्त्तार कर आज न्यायालय में पेश किया। और 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर लिया। इस प्रकरण में शामिल अन्य व्यक्तियों एवं संबंधित पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही हैं।









